रिपोर्ट – निभाष मोदी!
विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने और पुल का स्लैब गिर जाने के बाद प्रशासन ने आवागमन बहाल करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पुल को जल्द से जल्द चालू कराने के उद्देश्य से अब यहां अस्थायी बेली ब्रिज के निर्माण कार्य की विधिवत शुरुआत कर दी गई है। शुक्रवार को पूरे धार्मिक और पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ इस महत्वपूर्ण कार्य का शुभारंभ किया गया।
कार्य प्रारंभ होने से पहले स्थल पर विशेष पूजा-अर्चना आयोजित की गई। वैदिक मंत्रोच्चार, मंगलाचरण और शंखनाद के बीच पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया गया। पंडितों द्वारा विधिवत पूजन कर निर्माण कार्य की सफलता और जनसुरक्षा की कामना की गई। इस दौरान मौजूद अधिकारियों, इंजीनियरों, जवानों और मजदूरों ने भी पूजा में भाग लिया और कार्य को सुरक्षित एवं शीघ्र पूरा करने का संकल्प लिया।
निर्माण स्थल पर सड़क विभाग, सुरक्षा एजेंसियों और तकनीकी टीम के अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही बड़ी संख्या में मजदूर और आर्मी के जवान भी कार्य में जुटे नजर आए। बताया जा रहा है कि बेली ब्रिज निर्माण की जिम्मेदारी विशेष तकनीकी टीम और सुरक्षा बलों को सौंपी गई है, ताकि कम समय में मजबूत और सुरक्षित वैकल्पिक पुल तैयार किया जा सके।
सूत्रों के अनुसार, पुल निर्माण के लिए आवश्यक भारी मशीनें और सामग्री पहले ही मौके पर पहुंच चुकी हैं। कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है और दिन-रात मजदूर एवं इंजीनियर निर्माण में लगे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि मौसम अनुकूल रहा और कार्य इसी गति से चलता रहा तो अगले 15 से 20 दिनों के भीतर इस मार्ग पर पुनः आवागमन शुरू कर दिया जाएगा।
विक्रमशिला पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद भागलपुर और नवगछिया समेत आसपास के जिलों के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। खासकर छात्रों, मरीजों, व्यापारियों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई थीं। ऐसे में बेली ब्रिज निर्माण शुरू होने से लोगों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही राहत मिलेगी और यातायात सामान्य हो सकेगा।



