रिपोर्टर– राजीव कुमार झा!
मधुबनी जिले में आम के उत्पादन एवं निर्यात को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आज दिनांक 12 मई 2026 को संयुक्त कृषि भवन सभागार, महीनाथपुर, रामपट्टी, मधुबनी में “आम के निर्यात पर क्षमता संवर्धन” विषयक एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को निर्यात योग्य आम उत्पादन, गुणवत्ता मानकों, ग्रेडिंग, पैकेजिंग तथा विपणन प्रक्रियाओं की समुचित जानकारी प्रदान करना था।
यह कार्यक्रम कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा), मधुबनी एवं कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण, बिहार, पटना के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के रहिका, राजनगर, पंडौल, बाबूबरही, झंझारपुर एवं बेनीपट्टी प्रखंडों के प्रगतिशील किसानों, एफपीओ सदस्यों तथा कृषि उद्यमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन जिला कृषि पदाधिकारी-सह-परियोजना निदेशक आत्मा, ललन कुमार चौधरी, अपेडा के एसोसिएट सौरभ कुमार, कृषि विज्ञान केंद्र, बेनीपट्टी के वरीय वैज्ञानिक-सह-प्रधान मंगलानंद झा तथा उप परियोजना निदेशक आत्मा नंदन द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि बिहार, विशेषकर मिथिला क्षेत्र में आम उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। यदि किसान आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर गुणवत्ता मानकों के अनुरूप उत्पादन करें, तो उनके उत्पाद राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी पहचान बना सकते हैं। इससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा जिले की कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों द्वारा किसानों को निम्नलिखित विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई—
निर्यात गुणवत्ता के अनुरूप आम की वैज्ञानिक उत्पादन तकनीक
आम की ग्रेडिंग, पैकेजिंग एवं भंडारण की आधुनिक प्रक्रिया
अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग एवं गुणवत्ता मानक
निर्यात प्रक्रिया एवं आवश्यक दस्तावेजीकरण
इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र, बेनीपट्टी के वरीय वैज्ञानिक-सह-प्रधान श्री मंगलानंद झा ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि किसान वैज्ञानिक पद्धतियों एवं गुणवत्ता मानकों का पालन करें, तो वे आसानी से वैश्विक बाजार तक अपनी पहुंच बना सकते हैं। उन्होंने किसानों को उन्नत किस्मों, कीट प्रबंधन एवं फसल कटाई के बाद की तकनीकों को अपनाने की भी सलाह दी।
कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारियों ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार एवं संबंधित विभागों द्वारा किसानों को निर्यात उन्मुख कृषि गतिविधियों से जोड़ने तथा आवश्यक तकनीकी एवं विपणन सहयोग उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।
कार्यक्रम के अंत में किसानों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।




