रिपोर्ट – सोनू सिंह!अहले सुबह गोविंदपुर थाना क्षेत्र के आजाद नगर मोहल्ले में एक भयावह घटना घटी। लगभग 60 वर्षीय बच्चू राम सुबह पेशाब करने घर से बाहर निकले थे। तभी पीछे से अचानक हाथी आ गया। हाथी ने उन्हें सूंड से उठाकर बार-बार पटका और पैरों से कुचल दिया। घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।
नवादा – अहले सुबह गोविंदपुर थाना क्षेत्र के आजाद नगर मोहल्ले में लगभग 60 वर्षीय बच्चू राम सुबह पेशाब करने घर से बाहर निकले तभी पीछे से अचानक हाथी आ गया। हाथी ने उन्हें सूंड से उठाकर बार-बार पटका और पैरों से कुचल दिया। घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।
इसके पहले भी रजौली और गोविंदपुर क्षेत्र में अब तक तीन लोगों की जान हाथियों के हमलों में जा चुकी है। हाथियों के झुंड ने कई घरों को तोड़फोड़ किया, फसलों को बर्बाद किया और ग्रामीणों को भय के माहौल उतपन्न कर दिया है।स्थानीय लोग बताते हैं कि हाथी रात के अंधेरे में गांव में घुस आते हैं। खेतों में काम कर रहे लोग या सुबह-सवेरे बाहर निकलने वाले बुजुर्ग सबसे ज्यादा शिकार बन रहे हैं। माधोपुर गांव समेत कई इलाकों में पिछले एक महीने से हाथियों का तांडव जारी है।
घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सड़क जाम कर प्रदर्शन किया गया। लोगों का आरोप है कि वन विभाग के पास न तो उचित ट्रेनिंग है और न ही प्रभावी रेस्क्यू प्लान। हाथी को भगाने के नाम पर सिर्फ शोर मचाया जाता है, जो कुछ घंटों बाद वापस लौट आता है।वन अधिकारी हाथियों को जंगल वापस भेजने की बात करते हैं, लेकिन स्थायी समाधान नजर नहीं आ रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि झारखंड से भटककर आए हाथी भोजन की तलाश में गांवों में घुस रहे हैं। जंगलों का सिकुड़ना और फसलों की आसानी से उपलब्धता इस समस्या को बढ़ा रही है।



