मठ मंदिरों में संरक्षित पाण्डुलिपियों का किया जायेगा डिजिटाईजेशन- डीडीसी!

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:- रवि शंकर अमित!

भारत सरकार की फ्लैगशिप पहल “ज्ञान भारतम् मिशन” के अंतर्गत पाण्डुलिपियों के संरक्षण एवं डिजिटाइजेशन तथा उनमें निहित भारतीय ज्ञान परंपरा को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने के उद्देश्य से आज उप विकास आयुक्त, बेगूसराय श्री आकाश चौधरी (भा.प्र.से.) की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में बेगूसराय जिले के अंतर्गत विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थाओं—जैसे मठ, मंदिर, मस्जिद, शैक्षणिक संस्थान, निजी संगठन, पुस्तकालय आदि—तथा व्यक्तिगत संग्रहकर्ताओं के पास उपलब्ध पाण्डुलिपियों के सर्वेक्षण के लिए कार्ययोजना तैयार की गई। इस क्रम में सभी प्रखंडों में सूचीबद्ध तरीके से सर्वेक्षण करने के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारियों तथा प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी द्वारा “ज्ञान भारतम् मोबाइल ऐप” के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि जिन संस्थानों अथवा व्यक्तियों के पास पाण्डुलिपियाँ उपलब्ध हैं, वे स्वयं भी इस ऐप के माध्यम से पाण्डुलिपियों की जानकारी अपलोड कर सकते हैं।

ज्ञातव्य है कि विभागीय निर्देशानुसार जिला स्तर पर पाण्डुलिपि संग्राहकों के सूचीकरण सहित “ज्ञान भारतम् मिशन” से संबंधित समस्त कार्यों के पर्यवेक्षण हेतु उप विकास आयुक्त, बेगूसराय को नोडल पदाधिकारी नामित किया गया है। मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक प्रखंड, पंचायत एवं गाँव स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाने तथा विशेष टीम गठित कर कार्य करने के संबंध में जिले के प्राचीन इतिहास एवं पुरातत्व के विशेषज्ञों से भी सुझाव प्राप्त किए गए।

बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, निदेशक DRDA, जिला पर्यटन पदाधिकारी, बेगूसराय संग्रहालयाध्यक्ष, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी सहित डॉ. अनिल कुमार, डॉ. अमिय कृष्ण, डॉ. कुंदन कुमार, संग्रहालय सहायक काशी प्रसाद जायसवाल, डॉ. शशिकांत पांडे, डॉ. रमण कुमार, डॉ. प्रशांत कुमार, अनुपमा सिंह तथा अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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