पंकज कुमार जहानाबाद।
जिला पदाधिकारी, जहानाबाद अनिल कुमार सिन्हा के निर्देशानुसार श्रम अधीक्षक, जहानाबाद के द्वारा गठित जिला धावा दल के नियमित संघन जाँच अभियान में नियोजक मो० साहेब, पिता-मो० कासिम, मो०-खानबहादुर रोड, जहानाबाद, पो०-जहानाबाद, थाना-जहानाबाद, जिला-जहानाबाद के द्वारा संचालित मोटर साइकिल रिपेरिंग वर्क सॉप, खानबहादुर रोड, जहानाबाद से 01 किशोर श्रमिक को विमुक्त कराया गया। कार्यरत किशोर श्रमिक जिला-जहानाबाद का रहने वाला है, को विमुक्त कराया गया। विमुक्त किशोर श्रमिक को बाल कल्याण समिति, जहानाबाद के समक्ष उपस्थित कर बाल गृह में भेज दिया गया है।
बाल श्रम एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधि० 1986 के तहत नियोजक के विरूद्ध सुसंगत धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। श्रम अधीक्षक ने बताया कि बाल श्रमिकों से किसी भी दुकान या प्रतिष्ठान में कार्य कराना गैर कानूनी है। बाल श्रमिकों से कार्य कराने वाले व्यक्तियों पर 20,000/- से 50,000/- तक का जुर्माना और 2 वर्षों तक के कारावास का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा एमसी मेहता बनाम तामिलनाडु सरकार, 1996 में दिए आदेश के आलोक में नियोजक से 20,000/- प्रति बाल श्रमिक की दर से अलग से राशि की वसूली की जाएगी। इस राशि को जमा नहीं करने वाले नियोजक के विरूद्ध एक निलाम-पत्र वाद अलग से दायर किया जाएगा।
श्रम अधीक्षक के द्वारा ऐसे प्रतिष्ठानों एवं दुकानों के नियोजको को चेतावनी दी गई है कि जो भी नियोजक 14 वर्ष से नीचे के बाल श्रमिक एवं 18 वर्ष से कम के किशोर श्रमिक से खतरनाक व्यवसाय में नियोजित करते है. उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने लोगों से अपील की है अगर उन्हें कहीं भी बाल श्रम की सूचना मिलती है तो अविलम्ब श्रम अधीक्षक / संबंधित श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी को या विभागीय वाट्सएप नंबर-9471229133 पर सूचना दें ताकि जिला धावा दल द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए कार्यरत बाल श्रमिक को विमुक्त कराया जा सके।
आज के इस धावा दल में मृत्यंजय कुमार झा, श्रम अधीक्षक, जहानाबाद, रामबाबु कुमार, श्रम प्रवर्त्तन पदाधिकारी, मोदनगंज प्रभारी काको, शक्ति कुमार, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, मखदुमपुर, शत्रुधन कुमार, जिला समन्वयक, ग्राम स्वराज्य समिति घोषी एवं स्थानीय थाना के पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिसकर्मी शामिल थे।




