अरर/आशुतोष पाण्डेय
आरा, 19 जून। भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड अंतर्गत बिलौटी गांव में भरत तिवारी की कथित पुलिस कार्रवाई में हुई मौत को लेकर जिलेभर में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार की शाम विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक एवं जनसंगठनों से जुड़े लोगों ने आरा शहर में कैंडिल मार्च निकालकर घटना के विरोध में प्रदर्शन किया।
कैंडिल मार्च में शामिल लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर भरत तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद उसकी हत्या कर दी गई। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज करने, घटना की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने, मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की।
मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने बिहार सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं “भरत तिवारी अमर रहे” के नारों से पूरा शहर गूंज उठा। कैंडिल मार्च में बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
वक्ताओं ने कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र न्याय सुनिश्चित करने की मांग की।
कैंडिल मार्च शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जबकि पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था भी बनाए रखी गई।



