रिपोर्टर– राजीव कुमार झा!
जयनगर नगर पंचायत को नगर परिषद में उत्क्रमित करने की मांग तेज, CP-GRAMS में अपर सचिव नगर विकास एवं आवास विभाग बिहार में परिवाद संख्या GOVBH/E/2026 /006683 दायर किया गया।
जयनगर में अधिसूचित क्षेत्र समिति का गठन 19 नवंबर 1955 को हुआ था तथा 30 अगस्त 2001 को इसका विस्तार कर नगर पंचायत जयनगर का गठन किया गया।-भूषण सिंह
विगत दो दशकों में जयनगर का उःचभौगोलिक, सामाजिक एवं आर्थिक विकास अत्यंत तीव्र गति से हुआ है। वर्ष 2011 की जनगणना एवं वर्तमान जनसंख्या तथा शहरी संरचना के आधार पर जयनगर नगर परिषद बनने की सभी आवश्यक शर्तों को पूरा करता है।
मधुबनी भाकपा-माले जयनगर प्रखंड सचिव भूषण सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि मधुबनी जिला अंतर्गत जयनगर नगर पंचायत अब नगर परिषद बनने के लिए आवश्यक सभी मानकों एवं शर्तों को पूर्ण रूप से पूरा करता है। बढ़ती जनसंख्या, तीव्र शहरीकरण, भौगोलिक विस्तार तथा प्रशासनिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों में लगातार वृद्धि को देखते हुए जयनगर को अविलंब नगर परिषद में उत्क्रमित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जयनगर नगर क्षेत्र का वास्तविक विस्तार वर्तमान सीमा से काफी आगे बढ़ चुका है। जयनगर बस्ती, बेलही दक्षिणी, बेलही पश्चिमी एवं देवधा दक्षिणी पंचायतों तक शहरीकरण तेजी से हुआ है। इन क्षेत्रों में आवासीय कॉलोनियों, बाजारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तथा नगर आधारित सुविधाओं का निरंतर विस्तार हो रहा है। इसलिए इन शहरीकृत क्षेत्रों को नगर परिषद जयनगर में शामिल करना जनहित में आवश्यक हो गया है। भूषण सिंह ने कहा कि जयनगर अनुमंडल मुख्यालय होने के कारण यहां अनेक महत्वपूर्ण सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थान संचालित हैं। इनमें अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) कार्यालय, पुलिस उपाधीक्षक (DSP) कार्यालय, प्रखंड एवं अंचल कार्यालय, अनुमंडल अस्पताल, अग्निशमन विभाग, मनरेगा कार्यालय, कृषि, शिक्षा एवं CDPO कार्यालय, सिंचाई एवं नलकूप विभाग, जीविका कार्यालय, बुनियाद केंद्र, निबंधन कार्यालय, व्यवहार न्यायालय तथा विद्युत विभाग प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ इंडिया सहित अन्य राष्ट्रीयकृत एवं निजी बैंक, LIC, दूरसंचार विभाग, विद्युत पावर ग्रिड तथा वी-बाजार मॉल सहित अनेक व्यावसायिक प्रतिष्ठान यहां संचालित हैं। जयनगर भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र का अत्यंत महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र है, जहां नेपाली बाजार से सीधा संपर्क है। भारतीय रेलवे स्टेशन की उपलब्धता ने इस क्षेत्र के आर्थिक, सामाजिक एवं व्यावसायिक महत्व को और अधिक बढ़ा दिया है। साथ ही दर्जनों सरकारी एवं गैर-सरकारी विद्यालय, शिक्षण संस्थान एवं व्यवसायिक केंद्र यहां सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि जयनगर में अधिसूचित क्षेत्र समिति (Notified Area Committee) का गठन 19 नवंबर 1955 को हुआ था तथा 30 अगस्त 2001 को इसका विस्तार कर नगर पंचायत जयनगर का गठन किया गया। विगत दो दशकों में जयनगर का भौगोलिक, सामाजिक एवं आर्थिक विकास अत्यंत तीव्र गति से हुआ है। वर्ष 2011 की जनगणना एवं वर्तमान जनसंख्या तथा शहरी संरचना के आधार पर जयनगर नगर परिषद बनने की सभी आवश्यक शर्तों को पूरा करता है। भूषण सिंह ने बताया कि जयनगर नगर पंचायत के उत्क्रमण एवं क्षेत्र विस्तार हेतु जिलाधिकारी, मधुबनी द्वारा नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। साथ ही पत्रांक-916/जि० विकास, दिनांक 13.01.2026 के माध्यम से भी नगर परिषद में उत्क्रमण एवं क्षेत्र विस्तार हेतु अनुशंसा सरकार को भेजी गई है, जो स्वागतयोग्य कदम है। उन्होंने कहा कि इस मांग को लेकर CP-GRAMS पोर्टल पर अपर सचिव नगर विकास एवं आवास विभाग बिहार के ऊपर परिवाद संख्या GOVBH/E/2026 /006683 किया गया है, ताकि केंद्र एवं राज्य सरकार शीघ्र संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करे। उन्होंने बिहार सरकार एवं नगर विकास एवं आवास विभाग से मांग की कि जयनगर नगर पंचायत को शीघ्र नगर परिषद में उत्क्रमित करते हुए आसपास के शहरीकृत क्षेत्रों को इसमें सम्मिलित किया जाए। जनहित में शीघ्र सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा है।



