रिपोर्ट– राजीव कुमार झा!
अनुश्रवण प्रणाली के तहत सात निश्चय-3 के द्वारा ‘‘सबका सम्मान-जीवन आसान के द्वारा जन संवाद कार्यक्रम के तहत जिलाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारियों ने सुनी शिकायतें
प्राप्त शिकायतों के समाधान हेतु दिए गए आवश्यक निदेश
ऐंकर– मधुबनी जिलाधिकारी, आनंद शर्मा के द्वारा दिनांक-19.01.2026(सोमवार) से लागू होने वाले बिहार सरकार के सेवा-संवाद-समाधान अनुश्रवण प्रणाली के तहत सात निश्चय-3 का ‘‘सबका सम्मान-जीवन आसान’’ के तहत समाहरणालय स्थित कक्ष में आमजनों से सम्मानपूर्वक संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना गया एवं समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक निदेश दिए गए।
सेवा-संवाद-समाधान अनुश्रवण प्रणाली के तहत सात निश्चय-3 का ‘‘सबका सम्मान-जीवन आसान’’ का मुख्य मकसद राज्य के आमजनों को सरकारी कार्यालयों से संबंधित कार्य मे किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े, इसे लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाये गए है।
लोगों से मिलने के कार्यक्रम के अनुसार सभी आम जन sss.bihar.gov.in पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करेंगे। सभी पदाधिकारियों का लॉगिन होगा। जिसके माध्यम से वे आमजनों की शिकायतों को देखकर उसका त्वरित समाधान करेंगे। साथ ही आम जनता को सरकारी कार्यालयों से संबंधित कार्यों में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े इसके लिए जिला-स्तरीय, अनुमंडल-स्तरीय एवं प्रखंड-स्तरीय सभी पदाधिकारियों सहित सभी नगर निकायों, तकनीकी एवं गैर-तकनीकी विभागों के अभियंताओं तथा पदाधिकारियों को भी आवश्यक निदेश दिया गया है।
इसी क्रम में सोमवार दिनांक-19.01.2026 को जिलाधिकारी से उनके समाहरणालय स्थित कक्ष में विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु जिले भर से आये हुए दर्जनों आम लोगों द्वारा अपनी-अपनी समस्याएं रखी गयी। जिसके समाधान हेतु जिलाधिकारी द्वारा आवश्यक कारवाई किया गया।
उषा देवी, पति- स्वर्गीय देवेंद्र मिश्र, गांव धौस, पंडौल के द्वारा अपने हिस्से की जमीन को दबंगता के बल पर ईंट गिराकर कब्जा करने की समस्या रखी गयी।
राज कुमार चौपाल, पिता-कुंजू चौपाल, गांव जफरा, बिस्फी के द्वारा 24000 रुपये का विद्युत विपत्र आने की शिकायत के साथ इसकी जांच कराकर विपत्र राशि को कम एवं माफ करने का अनुरोध किया गया।
राज कुमार यादव, गांव सलेमपुर, बिस्फी के द्वारा अपने आवासीय भूमि अधिग्रहण के बदले कृषि भूमि से भी कम मूल्य लगाकर राशि के भुगतान होने तथा जांच कराकर शेष राशि भुगतान कराने की बात रखी गयी।
सुभाषचंद्र के द्वारा पत्नी द्वारा शोषण से निजात दिलाने की समस्या रखी गयी।
वही दुखन राम के द्वारा हिस्से की जमीन को नही देने की शिकायत की गई।
जिलाधिकारी द्वारा बारी-बारी से सभी आमलोगों का सम्मानपूर्वक शिकायतें सुनी गयी एवं त्वरित समाधान हेतु अग्रेत्तर कारवाई की गई।
सेवा-संवाद-समाधान कार्यक्रम के तहत निम्न दिशा-निदेश दिया गया है।
प्रत्येक सप्ताह के दो कार्यदिवस (सोमवार एवं शुक्रवार) को ग्राम पंचायत, थाना, अंचल, प्रखंड, अनुमंडल एवं जिला के सभी सरकारी कार्यालयों में आमलोग अपनी शिकायतों के निष्पादन के लिए संबंधित पदाधिकारी से उनके निर्धारित कार्य-स्थल/कार्यालय कक्ष में मिलेंगे।
निर्धारित दोनों दिवसों पर सभी संबंधित पदाधिकारी अपने-अपने कार्यालय में उपस्थित होकर लोगों से सम्मानपूर्वक मिलेंगे और उनकी शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ सुनकर उसका त्वरित निराकरण करेंगे।
यदि सम्बधित पदाधिकारी सोमवार एवं शुक्रवार को किसी अपरिहार्य कारणवश कार्यालय में उपस्थित नहीं रहते हैं तो उनके स्थान पर उनके द्वारा अधिकृत पदाधिकारी लोगों से मिलने के कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।
वैसे पदाधिकारी जो एक से अधिक विभाग/कार्यालय के प्रभार में है, वे सोमवार/ शुक्रवार को सुविधानुसार समय निर्धारित कर सभी कार्यालय में उपस्थित रहकर लोगों से मिलेंगे।
सभी सरकारी कार्यालयों में आगंतुकों को सम्मानपूर्वक बैठाने एवं मिलने के साथ-साथ उनके लिए जरूरी सुविधाओं जैसे पेयजल, शौचालय आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।आगंतुकों से प्राप्त शिकायतों की पंजी का संधारण किया जाएगा एवं शिकायतों के सतत अनुश्रवण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी द्वारा अधिकारियों को यह भी निदेश दिया है कि सभी नियंत्री पदाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके अधीनस्थ पदाधिकारीगण उपर्युक्त निदेशों का अक्षरशः पालन कर रहे हैं। साथ ही, सभी नियन्त्री पदाधिकारी अधीनस्थ पदाधिकारी के कार्यालय में प्राप्त शिकायतों के निष्पादन के अनुश्रवण की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।
जिलाधिकारी ने अनुमंडलों एवं प्रखंडों/अंचलों के वरीय नोडल एवं नोडल पदाधिकारियों को उपर्युक्त बिंदुओं के अक्षरशः अनुपालन का अनुश्रवण करने का निर्देश दिया है।




