रिपोर्ट- संतोष तिवारी!
छात्रा के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए गंभीर आपराधिक कृत्य!
मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के.झा ने राष्ट्रीय व राज्य मानवाधिकार आयोग में दायर की याचिका!
अवकाश-प्राप्त न्यायाधीश की निगरानी में मामले की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जाँच की माँग!
सुप्रीम कोर्ट व पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को भी लिखा गया पत्र!
मुजफ्फरपुर :- पटना में NEET छात्रा की मौत के मामले में राष्ट्रीय व राज्य मानवाधिकार आयोग में दो अलग-अलग याचिका दायर की गई है। यह याचिका जिले के मानवाधिकार मामलों के जानकार मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के.झा के द्वारा दर्ज कराई गई है। विदित हो कि पटना के मुन्नाचक, कंकड़बाग स्थित शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी करने वाली छात्रा गायत्री कुमारी बिहार के जहानाबाद जिले की निवासी थी, जो पटना में रहकर NEET की तैयारी कर रही थी। छात्रा की मौत के बाद प्रारंभिक जाँच में पुलिस ने घटना को आत्महत्या से जोड़ने का प्रयास किया लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद जो तथ्य सामने आए, उसने यह स्पष्ट कर दिया कि यह मामला काफी गंभीर आपराधिक कृत्यों से जुड़ा हुआ है। मामले के सम्बन्ध में मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के.झा ने कहा कि शरीर पर चोटों के निशान और अन्य परिस्थितियाँ यह सवाल खड़े करती है कि शुरुआत में इस आपराधिक घटना को दबाने का प्रयास किया गया और इसे जानबूझकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। इस प्रकार के जघन्य मामले में जाँच में कहीं भी लापरवाही या सच्चाई को छुपाने का प्रयास जिस स्तर से भी हुआ है, वह एक दंडनीय अपराध है। सभ्य समाज में बेटियों की सुरक्षा सरकार की उच्च प्राथमिकता है। श्री झा ने मामले में माननीय मानवाधिकार आयोग के स्तर से अवकाश-प्राप्त न्यायाधीश की निगरानी में मामले की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जाँच की माँग की है। साथ-ही-साथ अधिवक्ता श्री झा के द्वारा सुप्रीम कोर्ट व पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिख कर न्याय की गुहार लगाई गई है।




