बिना बुलडोजर चला सुलझा विवाद, नगर आयुक्त की सूझबूझ से सहरसा बस स्टैंड का हुआ सौंदर्यीकरण।

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संवाददाता :- विकास कुमार!

सहरसा नगर निगम ने नए बस स्टैंड के सौंदर्यीकरण को लेकर एक सराहनीय और मानवीय पहल की है। लंबे समय से बस स्टैंड परिसर में अतिक्रमण हटाने को लेकर नगर निगम प्रशासन और होटल संचालकों के बीच खींचतान चल रही थी। नगर निगम जहां अतिक्रमण हटाने के लिए सख्त कार्रवाई की तैयारी में था, वहीं होटल संचालक अपने आवंटन पत्र और हाईकोर्ट के स्टे ऑर्डर का हवाला देकर होटल हटाने से इंकार कर रहे थे। इस बीच नगर आयुक्त प्रभात झा ने सूझबूझ और समझदारी का परिचय देते हुए बिना किसी सख्ती के समाधान निकाल लिया। नगर आयुक्त ने होटल संचालकों को वैकल्पिक रूप से आवंटित स्थल उपलब्ध कराकर उन्हें वहां होटल स्थानांतरित करने के लिए राजी किया। इससे न केवल अतिक्रमित क्षेत्र खाली हो गया, बल्कि होटल संचालकों की रोजी-रोटी भी सुरक्षित रही। नगर निगम के इस प्रयास से नए बस स्टैंड का सौंदर्यीकरण संभव हो सका। नगर आयुक्त की इस पहल की मेयर, उपमेयर सहित शहर के बुद्धिजीवियों और आम लोगों ने जमकर सराहना की है। उनका कहना है कि यह कदम प्रशासन और आमजन के बीच बेहतर तालमेल का उदाहरण है, जिससे विकास कार्य भी हुए और किसी का नुकसान भी नहीं हुआ।

BYTE :- नगर आयुक्त प्रभात झा।

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