रिपोर्टर — राजीव कुमार झा!
मधुबनी जिले से लगने वाली इंडो नेपाल बॉर्डर पर मुस्तैद 48 वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल, जयनगर में दिनांक 06 एवं 07 जनवरी 2026 को मानव तस्करी जैसे गंभीर सामाजिक अपराध की रोकथाम एवं जागरूकता के उद्देश्य से मानव तस्करी विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। आयोजित कार्यशाला का समापन कमांडेंट गोविन्द सिंह भंडारी की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
कार्यशाला में श्रीमती सुमन सिंह, सखी एन जी ओ जयनगर, संतोष कुमार, राम उदगार महतो एवं अभिषेक चंद्रा, ग्राम विकास युवा ट्रस्ट द्वारा मानव तस्करी से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। वक्ताओं द्वारा मानव तस्करी के स्वरूप, इसके तरीकों, पीड़ितों की पहचान, रोकथाम के उपायों तथा सुरक्षा बलों एवं समाज की संयुक्त भूमिका पर प्रकाश डाला गया।
इस अवसर पर ताशी पलदन, सहायक कमांडेंट, वाहिनी के अधीनस्थ अधिकारी एवं जवान उपस्थित रहे। कार्यशाला में वाहिनी/समवाय/सीमा चौकियों से भाग लेने वाले कुल 32 कार्मिकों की सहभागिता रही, जिन्हें मानव तस्करी की रोकथाम से संबंधित व्यावहारिक एवं उपयोगी जानकारी से अवगत कराया गया।
कमांडेंट गोविन्द सिंह भंडारी ने अपने संबोधन में कहा कि मानव तस्करी केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं, बल्कि मानवता के विरुद्ध एक गंभीर अपराध है। सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सशस्त्र सीमा बल की भूमिका इस दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा एनजीओ के साथ समन्वय से ही इस सामाजिक बुराई पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
यह कार्यशाला सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के प्रति सशस्त्र सीमा बल की प्रतिबद्धता को दर्शाती है और मानव तस्करी की रोकथाम में बल की सक्रिय भूमिका को और अधिक सुदृढ़ करेगी।




