दरभंगा संवाददाता:- लक्ष्मण कुमार
एक्सपायरी सीमेंट से बन रहा सब-पावर ग्रिड!
दरभंगा में विद्युत विभाग की भारी लापरवाही उजागर, तारीख मिटे बोरे देख दंग रह गए लोग,
केंद्र एवं बिहार सरकार द्वारा बिहार को रौशन करने के लिए बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन दरभंगा जिले से सामने आई सच्चाई इन दावों पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। बहादुरपुर प्रखंड मुख्यालय परिसर में निर्माणाधीन विद्युत सब-पावर ग्रिड में एक्सपायरी एवं संदिग्ध गुणवत्ता वाली जेएसडब्ल्यू कंपनी की सीमेंट का उपयोग किए जाने का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है।
निर्माण स्थल पर मौजूद कर्मियों ने खुद स्वीकार किया कि उपयोग में लाई जा रही सीमेंट एक्सपायर हो चुकी है। इससे भी अधिक चौंकाने वाली बात यह है कि विभागीय अधिकारी भी इसे एक्सपायरी सीमेंट मान रहे हैं, लेकिन कैमरे पर बोलने से साफ इंकार कर रहे हैं। यह चुप्पी कई गंभीर सवालों को जन्म दे रही है।
मौके पर भारी संख्या में रखे गए सीमेंट के बोरों पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट को जानबूझकर मिटा दिया गया है। एक-दो बोरे नहीं, बल्कि लगभग सभी बोरों पर केवल “2025” लिखा पाया गया, जिससे सीमेंट की गुणवत्ता और मानक पर गंभीर संदेह खड़ा हो गया है।
जब इस गंभीर अनियमितता को लेकर विभागीय अधिकारियों से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो कोई भी अधिकारी कैमरे पर कुछ कहने को तैयार नहीं दिखा। वहीं, सदर एसडीओ विकास कुमार ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच के लिए टीम गठित करने की बात कही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिहार में बार-बार गिर रहे पुल-पुलिया और सरकारी निर्माणों के पीछे घटिया व एक्सपायरी निर्माण सामग्री भी एक बड़ी वजह हो सकती है। लोगों को आशंका है कि कहीं यह मामला केवल एक सब-पावर ग्रिड तक सीमित न होकर, विद्युत विभाग के अन्य निर्माण कार्यों में भी ऐसी ही अनियमितता आम बात न बन चुकी हो।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी परियोजनाओं में जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है? यदि समय रहते निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
अब देखना यह है कि घोषित जांच महज औपचारिकता बनकर रह जाती है या वास्तव में जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित होती है।
बाइट:-
(1) विकास कुमार, सदर एसडीओ
(2) चंदन कुमार, राजमिस्त्री




