जेंडर आधारित हिंसा के विरुद्ध संवाद एवं सौ दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान का शुभारंभ!

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रिपोर्ट – बिकास कुमार

बेटियों की सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी : विधायक संजय कुमार सिंह

सहरसा

सिमरी बख्तियारपुर के विधायक
संजय कुमार सिंह एवं प्रखंड प्रमुख का स्वागत करते हुए महिला एवं बाल विकास निगम द्वारा संचालित जेंडर आधारित हिंसा के विरुद्ध 16 दिवसीय विशेष अभियान के अंतिम दिवस पर +2 प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय, सिमरी बख्तियारपुर की बालिकाओं के बीच प्रखण्ड में जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने की।कार्यक्रम की शुरुआत में आईसीडीएस के जिला प्रोग्राम पदाधिकारी कुमारी पुष्पा ने अभियान की गतिविधियों एवं उद्देश्य से दोनों गणमान्य अतिथियों को अवगत कराया।इसके पश्चात् जिलाधिकारी ने बालिकाओं को संबोधित करते हुए जेंडर आधारित हिंसा के विभिन्न रूप,बालिकाओं की सुरक्षा,उनके अधिकार, शिक्षा का महत्व, एवं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बेटियाँ समाज की शक्ति हैं और उनकी सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। विधायक श्री सिंह ने बालिकाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि शिक्षा ही वो साधन है जो हर बाधा को तोड़कर आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करता है। बालिकाओं को पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में विधायक, जिला पदाधिकारी एवं उप विकास आयुक्त तथा अपर समाहर्ता एवं प्रमुख द्वारा विद्यालय की विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को स्कूल बैग एवं एमएचएम कीट प्रदान कर सम्मानित किया गया।साथ ही बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत शपथ ग्रहण कार्यक्रम के दौरान 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत सभी पदाधिकारियों ने बाल विवाह के पूर्ण उन्मूलन के लिए शपथ ग्रहण किया। इसके बाद अभियान की औपचारिक शुरुआत जागरूकता वैन को हरी झंडी दिखाकर की गई। जो जिले के विभिन्न प्रखंडों में जन – जागरूकता फैलाएगी।कार्यक्रम प्रबंधन इस महत्वपूर्ण आयोजन का सफल प्रबंधन महिला एवं बाल विकास निगम सहरसा की टीम द्वारा किया गया।जिसमें प्रमुख रूप से काजल चौरसिया, जिला परियोजना प्रबंधक, महिला एवं बाल विकास निगम एवं राजा बाबू, जिला मिशन समन्वयक, जिला हब फॉर एम्पॉवरमेंट ऑफ वीमेन, ब्रज भूषण कुमार, वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ श्रीमती नमिता शंकर, केंद्र प्रशासक, वन स्टॉप सेंटर दीपक, एमटीएस अंजली कुमारी, क्रेच वर्कर, पालना घर स्कूल की शिक्षक शिक्षिका एवं बड़ी संख्या में छात्राएं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। यह कार्यक्रम बालिकाओं की सुरक्षा, सशक्तिकरण एवं सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन की दिशा में एक प्रभावी एवं सराहनीय पहल साबित हुआ।

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