:- रागिनी शर्मा!

डॉक्टर कल्याणी कबीर की दूसरी काव्य संग्रह मन की पगडंडी का विमोचन आज श्री कृष्णा सिन्हा संस्थान में हुआ। कार्यक्रम का आरंभ मां सरस्वती की तस्वीर पर माल्यार्पण कर और दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम में सरस्वती वंदना शहर की कवयित्री निवेदिता श्रीवास्तव ने प्रस्तुत किया।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही थी पूर्व संस्कृत विभागाध्यक्षा कोल्हान विश्वविद्यालय और संस्कार भारती की अध्यक्षा डॉ रागिनी भूषण।
मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित थी स्वदेशी जागरण मंच की सक्रिय सदस्या और समाजसेवी मंजू ठाकुर जी।
विशिष्ट अतिथि के तौर पर मंच पर उपस्थित थे शहर के सुप्रसिद्ध कवि श्यामल सुमन जी और शहर के जाने-माने गजलकार शैलेंद्र पांडे शैल जी और डॉ कल्याणी कबीर के पिता किशोर कुमार जी।
मंचासीन सभी अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ देकर किया गया। साथ ही अंग वस्त्र और प्रतीक चिन्ह भेंट कर भी उनका अभिनंदन किया गया।
अपने अध्यक्षीय भाषण में डॉ रागिनी भूषण ने कहा कि डॉ कल्याणी कबीर ने मन की पगडंडी काव्य संग्रह में मन की सभी संवेदनाएँ प्रतिध्वनित होती हैं।
मुख्य अतिथि मंजू ठाकुर जी ने अपने वक्तव्य में कहा कि साहित्य की साधना चलती रहनी चाहिए इससे ही किसी भी शहर का साहित्यिक वातावरण समृद्ध होता है
श्री किशोर जी ने कहा कि कविताएँ स्थिति और परिस्थितियों का परिणाम होती हैं।
कवि श्यामल सुमन जी ने अपने वक्तव्य में कहा कि डॉ कल्याणी कबीर की कविताओं में सवाल पूछने का साहस है।
गजलकार शैलेंद्र पांडे शैल ने भी अपने विचारों को साझा करते हुए कहा कि डॉ कल्याणी कबीर की रचना गीली धूप अब मन की पगडंडी पर निकल चुकी है।
डॉ कल्याणी कबीर ने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण समय में कविताएं सिर्फ मनोरंजन की वस्तु ना होकर राष्ट्रप्रेम का अलख जगाएँ तो ही इसकी सार्थकता है।
कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर अनीता शर्मा ने किया और स्वागत भाषण हास्य और व्यंग्य के कवि दीपक वर्मा ने किया ।
धन्यवाद ज्ञापन कवि संतोष कुमार चौबे ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ अनीता शर्मा , चंद्राणी मिश्रा ,अभिलाषा कुमारी, आरती शर्मा, सागर चौबे, सौम्या मिश्रा का महत्वपूर्ण योगदान रहा।




