एस एन श्याम / अनमोल कुमार
पटना। भगवान भास्कर इस धरती पर साक्षात देवता है। भगवान सूर्य का पूजा अर्चना करने वाले व्यक्ति का मान सम्मान समाज ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में चर्चित और प्रसिद्ध रहता। ऐसे व्यक्ति कभी किसी गंभीर रोग का शिकार नहीं हो सकता।
स्वामी चितात्मन जी ने कहा कि अन्य सारे देवी देवता प्रतीक के रूप में पूजा जाते हैं। जबकि चंद्रमा, सूर्य और तारों का हम प्रत्यक्ष दर्शन कर पाते हैं। उन्होंने उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति भगवान सूर्य को नित्य प्रति जल चढ़ाता हो वह व्यक्ति कभी भी अस्वस्थ नहीं हो सकता। समाज और राष्ट्र में उसकी ख्याति काफी रहती है।
स्वामी जी ने कहा कि सूर्योदय के वक्त तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें लाल रोड़ी, फूल और अक्षत डालकर भगवान सूर्य की नित्य पूजा करनी चाहिए। आदित्य स्तोत्र जीवन में बड़े से बड़े संकटों का नाश कर देता है।




