रिपोर्ट- अमित कुमार!
पटना लौटे जदयू नेता संजय झा ने वक्फ बिल पर दी प्रतिक्रिया, कहा – पारदर्शिता और गरीबों के हित में हो रहा सुधार
पटना, 6 अप्रैल: जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा आज दिल्ली से पटना लौटे। पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने वक्फ बिल पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि इस बिल का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और वक्फ संपत्तियों का सही उपयोग सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा, “बिल लाने का उद्देश्य सरकार का भरोसा बढ़ाना और दान की गई वक्फ संपत्तियों का सही उपयोग सुनिश्चित करना है। हमारी पार्टी के प्रतिनिधि जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) के सदस्य रहे हैं। मैं स्वयं भी उस बैठक में मौजूद था जहाँ विभिन्न संस्थाओं और नेताओं ने अपने सुझाव रखे। हमने सारे जरूरी कंसरन सामने रखे और उनमें से कई बातों को सरकार ने संज्ञान में लिया है।”
संजय झा ने यह भी कहा कि वक्फ का असली उद्देश्य गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा है। उन्होंने कहा, “दानदाता जो भाव से वक्फ संपत्ति देता है, उसका लाभ सही मायनों में गरीबों को मिलना चाहिए। पारदर्शिता से ही यह सुनिश्चित हो पाएगा। सुप्रीम कोर्ट में जाने का अधिकार सबको है, लेकिन सरकार की मंशा यह है कि बिना विवाद के, वक्फ संपत्तियों का सही इस्तेमाल हो।”
उन्होंने कहा कि इससे पहले भी 2013 में इस कानून में बदलाव किया गया था। यह पहला संशोधन नहीं है, और हर बार सरकार इसे ज्यादा प्रभावी और जवाबदेह बनाने की दिशा में काम कर रही है।
संजय झा ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा, “जो लोग आज वक्फ के नाम पर राजनीति कर रहे हैं, उनसे पूछा जाना चाहिए कि 2005 से पहले पसमांदा मुसलमानों के लिए क्या काम हुआ? क्या कोई हॉस्पिटल, स्कूल या सामाजिक विकास का कार्य हुआ?” उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही पहली बार पंचायतों में दलितों और पिछड़ों को आरक्षण मिला, और पसमांदा समाज के लोग पंचायती राज संस्थाओं में प्रतिनिधित्व पा सके।
भागलपुर दंगा पीड़ितों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज उन्हें मंथली पेंशन मिल रही है, जो न्याय का एक उदाहरण है – और यह काम भी नीतीश सरकार ने ही किया।




