रिपोर्ट- संतोष तिवारी!
बिहार/मुजफ्फरपुर
बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय पर कई गंभीर आरोप लगने के बाद आनन फानन में कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय ने एक संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए लगाय गए आरोप को बेबुनियाद और भ्रामक तथ्य हीन करार दिया उन्होंने विश्वविद्यालय नवीन अतिथिगृह के सभागार में बी. आर. अम्बेदकर बिहार विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. दिनेश चन्द्र राय ने प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों को संबोधित किया. माननीय कुलपति प्रो. दिनेश चन्द्र राय के कार्यकाल में विश्वविद्यालय लगातार प्रशासनिक, शैक्षिणिक व अकादमिक, सांस्कृतिक, खेल कूद सहित सभी गतिविधियों में कीर्तिमान स्थापित कर रहा है. इस तरह के सकारात्मक कार्यों से विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं, कर्मचारियों एवं शिक्षकों का मनोबल बढा है, सेमिनार, सिम्पोजियम, वर्कशॉप जैसी गतिविधियों से विश्वविद्यालय परिक्षेत्र में एक जागरूकता पैदा हुई है. लगातार सकारात्मक उर्जा के संचार में कभी कभी नकारात्मक शक्तियां दुष्प्रचार एवं तथ्यहीन सूचनाओं के माध्यम से विश्वविद्यालय की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रही है.
कुलपति ने भ्रष्टाचार एवं दलालों के विरुध अभियान चला कर नकारात्मक शक्तियों के चंगुल से विश्वविद्यालय को मुक्त कराया है. इसलिए ऐसी शक्तियां कभी-कभी भ्रामक सूचनाएँ देकर विश्वविद्यालय के वातावरण को दूषित करना चाहती हैं. कुलपति प्रो. डी. सी. राय 14 महीने के कार्यकाल में विश्वविद्यालय के प्रगति एवम विकास कार्यों का विवरण विश्वविद्यालय मीडिया सेल द्वारा निम्नलिखित प्रकार से प्रस्तुत किया जा रहा है-
- योगदान के साथ ही कुलपति ने राज्य सरकार एवं कुलाधिपति के निर्देशानुसार महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापकों को प्रभारी प्राचार्य बनाया। जिस महाविद्यालय में 15 साल से कम अनुभव वाले शिक्षक थे वहां विश्वविद्यालय के विभागों से तथा दूसरे महाविद्यालयों से प्रभारी प्राचार्य बनाया गया।
- शोध की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु प्रथम बार विश्वविद्यालय में शोध-नीति में नियम संगत परिवर्तन किया गया. माननीय कुलपति महोदय स्वयं अपनी अध्यक्षता में शोध मौखिकी में उपस्थित रहते हैं जिससे शोध की गुणवत्ता एवम पारदर्शिता में वृद्धि हुई है।
- पीएचडी एडमिशन टेस्ट (PAT) तथा 4 वर्षीय समेकित बी. एड कोर्स का एंट्रेंस समुचित एवं पारदर्शितापूर्वक किया गया। पहली बार अत्यंत अल्प समय में दोनों का परिणाम जारी किया गया.
- कुलपति महोदय के पूर्व विश्वविद्यालय में खेल कूद की गतिविधियों मृतप्राय थी. माननीय कुलपति महोदय ने 29 जून 2024 मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन पर खेल कूद कलेंडर निर्गत कर खेल सम्बंधित गतिविधियाँ आरम्भ की गयी. इसमें पूर्वी क्षेत्र बास्केटबाल टूर्नामेंट का आयोजन तथा विश्वविद्यालय क्रिकेट टीम का प्रथम बार किसी अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट खेलने नेपाल गयी.
- विश्वविद्यालय में सांस्कृतिक गतिविधियों के अंतर्गत पूर्वी क्षेत्रीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता के कुल 23 इवेंट में इस विश्वविद्यालय की टीम ने सहभागिता की तथा दो पुरस्कार भी प्राप्त किया. समूह नृत्य में सिस्टर निवेदिता विश्वविद्यालय, कोलकाता में आयोजित में द्वितीय पुरस्कार तथा मिमिक्री में तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ. अंत में सांस्कृतिक मार्च के दौरान पूरी टीम को तृतीय पुरष्कार प्राप्त हुआ. क्षेत्रीय प्रतियोगिता के पश्चात् विश्वविद्यालय टीम राष्ट्रीय स्तर पर एमिटी विश्वविद्यालय, नोएडा में आयोजित प्रतियोगिता में सहभागिता की.
- माननीय कुलपति महोदय के निर्देशानुसार तथा कुलानुशासक की अध्यक्षता में प्रत्येक सोमवार को छात्र संवाद की शुरुआत की गयी जिसके माध्यम से छात्रों की दैनिक समस्याओं का समाधान शीघ्रतापूर्वक किया जाता है. पूर्व में परिणाम, पंजीयन आदि में हजारों समस्याएं विश्वविद्यालय के समक्ष आते थे. छात्र संवाद के शुरुआत के पश्चात् यह समस्याएं काफी कम हो गयीं हैं. यह सभी कार्य माननीय कुलपति के दूरदृष्टि का ही परिणाम है.
- . विश्वविद्यालय स्थापना (1952) के पश्चात् पहलीबार कुलगीत की रचना एवम चयन कुलपति महोदय के कार्यकाल में संपन्न हुआ.
- 100 फीट का राष्ट्रीय ध्वज पंजाब नेशनल बैंक के सहयोग से विश्वविद्यालय स्थित आंबेडकर पार्क में स्थापित किया गया. साथ ही आंबेडकर पार्क को सुसज्जित एवं आधुनिक लाइटिंग की व्यवस्था एस बी आई के सहयोग से किया गया.
9.
लगभग दो दशक के पश्चात विश्वविद्यालय स्वस्थ्य केंद्र को विधिवत प्रारंभ किया गया.
- तीन दर्जन देशी व विदेशी विश्वविद्यालयों/ संस्थानों के साथ MOU किया गया ताकि शोध एवं नवाचार में वृद्धि हो सके.
11.
ई-लाइब्रेरी केंद्र की शुरुआत केंद्रीय पुस्तकालय में किया गया.
- पहली बार अल्मुनी एसोसिएशन का पंजीयन हुआ, कार्यालय केंद्रीय पुस्तकालय में खुला तथा एसोसिएट की राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बैठक आयोजित किया गया.
- विश्वविद्यालय पहली बार एन आई आर एफ रैंकिंग में पंजीकृत हुआ.
- विश्वविद्यालय पहली बार उन्नत भारत अभियान से जुडा।
- विभिन्न विभागों एवं केंद्रीय पुस्तकालय में तथा कुलपति महोदय के मार्गदर्शन में एक दर्जन से अधिक राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर का सेमिनार आयोजित किया गया.
- प्रथम बार अंतर्राष्ट्रीय स्तर की स्तरीय जर्नल में शोध-आलेख प्रकाशन हेतु 21 प्राध्यापकों को पुरष्कृत किया गया.
- गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सेवानिवृत शिक्षकों को सम्मानित किया गया.
- सेवानिवृति की तिथि के दिन ही विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मियों को सेवांत लाभ(पीपीओ) अपने हाथों कुलपति महोदय ने देने की शुरुआत की
- कुलपति के नेतृत्व में आईक्यूएसी निदेशक के देख-रेख में एक्यूएआर एवं आईआईक्यूए जमा किया गया। नैक मूल्यांकन की प्रक्रिया अतिशीघ्र होने की उम्मीद है।
- कुलपति के उत्कृष्ट कार्यों हेतु ‘बिहार केसरी’ के सम्मान से जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा द्वारा सम्मानित किया गया। इस दौरान बिहार सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री अशोक चौधरी उपस्थित थे।
- विश्वविद्यालय में कुलपति के मार्गदर्शन में आर्थिक स्रोतों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है। ताकि विश्वविद्यालय आर्थिक सृजन कर सके। इस दिशा में विश्वविद्यालय अतिथि गृह को उदाहरण के तौर पर देखा जा सकता है।
- एक दशक के पश्चात् विश्वविद्यालय में कैंटिन को खोला गया।
- बेतिया में विश्वविद्यालय का प्रशासनिक एक्सटेंशन कार्यालय खोला गया।
- सोलर एनर्जी एवं हरित ऑडिट को मानक के अनुरूप विकसित किया गया।
- विश्वविद्यालय कैंपस में दो महिला छात्रावास का उद्घाटन किया गया।
- विश्वविद्यालय में सीनेट का चुनाव सम्पन्न किया गया तथा सिंडिकेट का चुनाव प्रक्रियाधीन है।
- नवनियुक्त एवं अन्य प्राध्यापकों का प्रोन्नति किया गया।
- विश्वविद्यालय में विभिन्न सेलों का गठन किया गया।
बाइट:- प्रो. दिनेश चंद्र राय कुलपति ( बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय)




