:- रवि शंकर अमित!
बिहार के मशहूर पहलवान विवेकानंद सिंह (70 वर्ष ) का निधन हो गया। उन्होंने पटना के आरोग्य अस्पताल में 2 अप्रैल की देर रात अंतिम सांस ली। विवेका पहलवान के नाम से जाने जानेवाले विवेकानंद सिंह को 27 मार्च को हार्ट अटैक आया था, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
बाढ़ के उमानाथ सती स्थान में विवेका पहलवान का अंतिम संस्कार हुआ। उनके बेटे राजा परीक्षित उर्फ छोटे ने मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा में एक हजार लोग शामिल हुए। शव यात्रा में RJD MLC कार्तिकेय सिंह भी मौजूद रहे।
वहीं अनंत सिंह के सोशल मीडिया एक्स पर विवेका पहलवान के निधन पर शोक जताया गया है।
राजद के पंचायती राज प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष दुलारचंद यादव ने कहा कि राजनीति में जो जात-पात करते हैं, किस जाति के लोग इनके अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचे हैं। दिल्ली हरियाणा जैसे राज्यों में सभी आश्रमों में इनके नाम पर आज भी लोग पहलवानी करते है। एक बार इन्हें छल से पहलवानी नहीं कराया गया नहीं तो आज यह राष्ट्रीय स्तर के पहलवान होते।
लखीसराय निवासी जोगी पहलवान ने कहा कि विवेका पहलवान को बच्चा बच्चा जानता था। आज कुश्ती के क्षेत्र में सूना सूना लगता है। इनका कोई जोड़ा नहीं था। उनके जाने से बिहार को अपूरणीय क्षति हुई है।
अस्थामा पंचायत के पूर्व विधायक उम्मीदवार देबू सिंह ने कहा कि यह सभी को गले लगाते थे, यह किसी जाती विशेष नही बल्कि सभी के हित में कार्य करते थे।
मौके पर हजारों लोग मौजूद रहे। वहीं राजद एमएलसी कार्तिकेय सिंह, मोकामा विधायक उम्मीदवार नलिनी रंजन उर्फ ललन सिंह, कई जिलों से पहलवान, व बाढ़, मोकामा, बड़हिया नगर परिषद अध्यक्ष, अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न पंचायत के मुखिया गण मौजूद रहे।




