रिपोर्ट- कुंदन कुमार!
बांका (27 मार्च ):- आत्मा बांका के तरफ से मधुमक्खी पालन पर दो दिवसीय कर्मशाला का आज दूसरा दिन था। गुरुवार को उपस्थित किसानों ने पूरे धैर्य से पूरे प्रशिक्षण अवधी मे बताये जा रहे गूढ सब बातो को सजगता पूर्वक प्रशिक्षकों के मुह से सुना। बहोत सारे किसानो ने इसको अपनाने की बात बताई। शहद उत्पादन की सबसे अच्छी बात ये है की इसको कोई भी कर सकता है। एक भूमिहीन कृषक भी मधुमक्खी पालन कर एक बक्से से कम से कम पांच हज़ार रूपए कमा सकता है। दूसरी सबसे बड़ी बात है की इसको करने मे आप कम समय मे अच्छा प्रबंधन कर साथ मे कुछ और भी कर सकते है। कहने का तात्पर्य ये है की इसको आय वृद्धि का साधन बना हम दूसरे चीज़ो को साथ मे लेकर कर सकते है। आज का सत्र विशेष कर सभी को मधु मक्खी के बक्से को , मधु के छत्ते को सामने से दिखाने के लिए प्रशिक्षण प्रशाल मे लाया गया। किसानों की उत्सुकता देखते ही बन रही थी। अंत मे सभी किसान बंधुओ को प्रशिक्षण मे भाग लेने हेतु सर्टिफिकेट दिया गया। सभी लोग खुश नजर आये। जिला कृषि पदाधिकारी महोदय ने अंत मे धन्यवाद ज्ञापित करते हुए प्रशिक्षण मे आये हुए किसानों को हर संभव् मदद करने का भरोसा दिलाया।




