ICU में शादी कर पोते ने अंतिम साँस लेती दादी की अंतिम इच्छा की पुरी!

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रिपोर्ट -संतोष तिवारी!

बिहार के मुजफ्फरपुर में पोते ने दादी की अंतिम इक्षा की पूरी..ICU में भर्ती दादी की आखिरी ख्वाहिश को पूरी करते पोते ने अस्पताल में ही दुल्हन संग लिए फेरे..
एसकेएमसीएच के शिव मंदिर में हुई शादी..आशीर्वाद देने के बाद दो दादी का हुआ निधन..
अगले माह शादी के लिए तय की गई थी दोनो की शादी..

मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला..अस्पताल परिसर में एक अनोखी शादी हुई.. जब एक पोते ने अपनी गंभीर रूप से बीमार दादी की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए अस्पताल परिसर में ही विवाह रचा लिया.इस शादि ने परिवार में प्रेम और समर्पण का मिसाल पेश की..एक पोते ने अपनी बीमार दादी की अंतिम इक्षा पूरी करने को अस्पताल के शिव मंदिर में शादी रचाई.. दादी और पोते के बीच का संबंध बेहद खास होता है ..पोते अपने दादी के बिना नही रह पाते..मिठनपुरा निवासी गीता देवी लंबे समय से बीमार थीं और ICU में भर्ती थीं. उनकी अंतिम इच्छा थी कि वे अपने पोते की शादी होते हुए देख सकें और अपनी बहू का स्वागत कर सकें.गीता देवी ने परिजनों के सामने अपनी अंतिम इच्छा रखी कि वे अपने पोते अभिषेक कुमार की शादी अपनी आंखों के सामने देखना चाहती हैं. जब डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि उनकी स्थिति गंभीर है और वे ज्यादा समय तक जीवित नहीं रह पाएंगी, तो परिवार ने तुरंत शादी करने का फैसला लिया. अभिषेक ने अपनी दुल्हन के परिवार से संपर्क किया और उन्हें अस्पताल बुलाया. परिवार के सभी सदस्यों की सहमति से इस अनोखी शादी की तैयारी शुरू की गई. अस्पताल परिसर में स्थित मंदिर में अभिषेक और उनकी दुल्हन ने शादी की रस्में पूरी कीं. विवाह समारोह में दोनों परिवारों के सदस्य, रिश्तेदार और अस्पताल के कुछ कर्मचारी भी मौजूद थे. जैसे ही शादी संपन्न हुई, नवविवाहित जोड़े ने आईसीयू में भर्ती गीता देवी के पास जाकर उनसे आशीर्वाद लिया.बर बधू ने दादी के चरण छूकर आशीर्वाद लिए..इस दौरान दूल्हा दुल्हन को देखने के लिए अस्पताल में भीड़ लग गई..यह अनोखी शादी अस्पताल में चर्चा का विषय बना रहा..पोते ने दादी की इक्षा पूरी की .. अपनी आंखों के सामने पोते को दूल्हा बना देख गीता देवी की खुशी का ठिकाना नहीं था…
शादी के बाद पोता अभिषेक और उसकी पत्नी को आशीर्वाद देने के दो घंटे बाद बीमार दादी की निधन हो गया..यह पल जितना खुशाहाल था उतना ही गमगीन भी क्योकि शादी के महज दो घंटे बाद ही दादी का निधन हो गया..
परिजनों के अनुसार, उनकी आंखों में संतोष और खुशी थी कि वे अपने पोते की शादी देख सकीं. यह पल पूरे परिवार के लिए भावनात्मक था, जहां खुशी और गम दोनों का मिला-जुला अनुभव था.यह पल न केवल परिवार के लिए बल्कि अस्पताल में मौजूद सभी लोगो के लिए भावुक कर देने वाली थी..डॉक्टर और मरीजो के परिवार वाले ने इस अनोखी शादी को देखकर अपनी संवेदनाये ब्यक्त की..गीता देवी की अंतिम इक्षा को पूरा होते देख हर किसी की आंखे नम हो गई..
अभिषेक और उनकी दुल्हन, दोनों मिठनपुरा के रहने वाले हैं. पहले से ही दोनों परिवारों के बीच विवाह तय था और अप्रैल में शादी की तारीख निर्धारित थी. लेकिन गीता देवी की गंभीर स्थिति को देखते हुए परिवार ने तुरंत शादी करने का निर्णय लिया. यह घटना न केवल परिवार के प्रति प्रेम और सम्मान को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि किसी प्रियजन की अंतिम इच्छा पूरी करना कितना महत्वपूर्ण होता है. अभिषेक कुमार द्वारा उठाया गया यह कदम हर किसी के लिए एक प्रेरणा है, जो दिखाता है कि रिश्तों में भावनाओं की अहमियत सबसे ऊपर होती है.

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