पंकज कुमार जहानाबाद ।
जहानाबाद राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी मुक्त पंचायत पहल की सफलता सुनिश्चित करने के लिए सिविल सर्जन, जहानाबाद की अध्यक्षता में एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम निजी हाउस, जहानाबाद में आयोजित हुआ। इसमें जिले के संचारी रोग पदाधिकारी, डब्ल्यूएचओ कंसल्टेंट डॉ. रणवीर चौधरी, DFY एपिडेमियोलॉजिस्ट, अन्य अधिकारी और एनटीईपी कर्मी उपस्थित थे। सिविल सर्जन ने प्रशिक्षण के दौरान जोर दिया कि जिले में टीबी मरीजों की जांच को अधिक से अधिक बढ़ाना आवश्यक है, ताकि टीबी नोटिफिकेशन में वृद्धि हो सके। उन्होंने सभी एचडब्ल्यूसी पर नियुक्त सीएचओ को संभावित मरीजों की पहचान और स्क्रीनिंग प्रक्रिया को गंभीरता से लागू करने का निर्देश दिया।
डॉ. विनोद कुमार सिंह, जिला संचारी रोग पदाधिकारी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति में टीबी के लक्षण पाए जाने पर एचडब्ल्यूसी पर स्क्रीनिंग के बाद सैंपल को कुरियर के माध्यम से नजदीकी पीएचसी भेजना सुनिश्चित करें। इसके अलावा, संभावित मरीजों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन निश्चय पोर्टल पर किया जाए। बैठक में टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (टीपीटी) को प्रभावी रूप से लागू करने और एसटीएस द्वारा टीबी मरीजों के घरों का भ्रमण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। डब्ल्यूएचओ कंसल्टेंट डॉ. रणवीर चौधरी ने बताया कि 1,000 की आबादी वाले गांव में कम से कम 30 संभावित मरीजों की जांच कराई जानी चाहिए। यदि एक या उससे कम मरीज मिलते हैं, तो वह प्रखंड टीबी मुक्त पंचायत घोषित होगा। डॉ. चौधरी ने टीबी मुक्त पंचायत के सभी इंडिकेटर्स पर विस्तार से चर्चा की और प्राइवेट नोटिफिकेशन के लक्ष्य को पूरा करने के लिए डॉक्टर्स फॉर यू (DFY) को निर्देशित किया। कार्यक्रम के दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि जिले के प्रत्येक प्रखंड में कम से कम दो ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त करने के लिए ऐक्टिव केस फाइंडिंग अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही टीबी रोगियों के इलाज और आम जनता के बीच जागरूकता फैलाने के लिए विशेष अभियान चलाने की योजना बनाई गई। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम टीबी उन्मूलन के प्रति जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।




