रिपोर्ट- अमित कुमार
खबर विस्तार से:
बिहार में BPSC अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज ने न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल मचाई है, बल्कि आम जनता और कलाकारों को भी झकझोर दिया है। लोक गायिका नेहा सिंह राठौर ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर बिहार सरकार और आम जनता दोनों पर तीखा सवाल उठाया।
नेहा सिंह राठौर का बयान:
नेहा ने कहा, “जिस बेरहमी से बिहार सरकार युवाओं को पीट रही है, उससे ज्यादा दुखद यह है कि बिहार की आम जनता इस अन्याय पर चुप है। कोई अपने बच्चों को इस तरह मार खाते देखकर चुप कैसे रह सकता है? क्या नौकरी मांगना गुनाह है? क्या रोजगार के लिए संघर्ष करना इतना बड़ा अपराध है कि पढ़े-लिखे लड़के-लड़कियों को अपराधियों की तरह सड़कों पर पीटा जाए?”
उन्होंने यह भी कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों के साथ खड़ा होना चाहिए। “अगर आप उनके आंदोलन में शामिल नहीं हो सकते, तो कम से कम सत्ता में बैठी उस पार्टी को सबक सिखाइए, जो आपके बच्चों पर अत्याचार कर रही है।”
युवाओं के प्रति संवेदनहीनता का आरोप:
नेहा ने बिहार सरकार पर युवाओं के प्रति संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को लगता है कि जाति और धर्म के मुद्दे उठाकर वह चुनाव जीत जाएगी। “लेकिन युवाओं की इस पीड़ा का हिसाब जरूर देना पड़ेगा,” उन्होंने कहा।
बेरोजगारी और भ्रष्टाचार पर सवाल:
नेहा ने बिहार में बेरोजगारी और भ्रष्टाचार की समस्या पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब वे इन मुद्दों पर बात करती हैं, तो इसे बिहार का अपमान कहा जाता है। लेकिन आज, जब सरकार युवाओं को सड़कों पर पीट रही है, तो कोई इसे बिहार का अपमान क्यों नहीं मान रहा?
लाठीचार्ज की पृष्ठभूमि:
BPSC अभ्यर्थी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। वे परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और अन्य सुधारों की मांग कर रहे हैं। लेकिन हाल ही में पटना में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया, जिससे कई अभ्यर्थी घायल हो गए।
नेहा की अपील:
नेहा सिंह राठौर ने बिहार की जनता से अपील की है कि वे युवाओं के साथ खड़े हों। “हर वह शख्स जो चुप है, वह बिहार के युवाओं के सम्मान का जिम्मेदार है।”
निष्कर्ष:
BPSC अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज का मामला अब सामाजिक और राजनीतिक मुद्दा बन गया है। नेहा सिंह राठौर जैसे कलाकारों की आवाज इस मुद्दे को और भी गंभीर बना रही है। अब देखना यह है कि सरकार और जनता इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है।




