मधेपुरा की बहू गुलनाज बनी जज,पहली प्रयास में हीं पा ली सफलता, ससुराल पहुँचते ही हुआ भव्य स्वागत।

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रिपोर्टर –राजीव -रंजन ।

मधेपुरा की बहू गुलनाज बनी जज,पहली प्रयास में हीं पा ली सफलता, ससुराल पहुँचते ही हुआ भव्य स्वागत। जज साहिबा ने अपने माता पिता और पति को दिया सफलता की श्रेय। दरअसल मधेपुरा के कॉलेज चौक निवासी गुलनाज फिरदौस का चयन न्यायिक सेवा में हुआ है। चयनित होने के बाद पहली बार वह मधेपुरा पहुंची, जहाँ लोगों ने फूलमाला पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान लोगों ने जमकर आतिशबाजी भी की। वहीं गुलनाज फिरदौस ने बताया कि डिस्ट्रिक्ट जज एंट्री लेवल डायरेक्ट फ्रॉम बार एग्जाम-2023 में उन्होंने सफलता पाई है। इस परीक्षा में पूरे राज्य से मात्र 26 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। उन्होंने बताया कि पटना सिविल कोर्ट में प्रैक्टिस करने के साथ-साथ न्यायिक सेवा परीक्षा की तैयारी भी कर रही थी। उनके इस सफलता पर परिवार में हर्ष का माहौल है। उन्होंने कहा कि मैट्रिक परीक्षा में वो फेल हो गयी थी, इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और मेहनत कर इस मुकाम को हासिल की। उनका मायके मुजफ्फरपुर और ससुराल मधेपुरा में है। प्रारंभिक से लेकर लॉ तक की पढ़ाई मुजफ्फरपुर से हीं हुई है। बता दें कि वर्ष 2010 से पटना सिविल कोर्ट में प्रैक्टिस करने लगीं। वहां उनकी अच्छी प्रैक्टिस रही। साथ ही न्यायिक सेवा की तैयारी भी जारी थी। इस दौरान जूनियर डिविजन मुंशीप आदि की परीक्षा देती रहती थी। उसमें तीन-चार अटेंप्ट दिया। इंटरव्यू तक गई, फिर भी फाइनल सेलेक्शन नहीं हुआ। इसके बाद भी उन्होंने प्रयास जारी रखा। इस बार हायर एजुकेशन में फर्स्ट अटेम्प्ट था और उन्होंने यह परीक्षा क्वालीफाई किया। गुलनाज ने कहा कि यह मेरे कौम के लिए बहुत बड़ी बात है। बिहार की दो मुस्लिम लड़कियों ने यह सफलता हासिल की है। इतना हीं नहीं उन्होंने कहा कि हमारे यहां बच्चों को पढ़ाया ही नहीं जाता है, सबसे बड़ी दिक्कत की यही बात है। अगर पढ़ाया भी जाता है तो केवल इस लायक कि अच्छे घर में शादी हो जाए। उन्होंने कहा की शादी के बाद यह सफलता हासिल करना बहुत बड़ी बात है। उनके पति उनके लिए बैकबोन है। उनके इस सफलता में पिता मो. अली, पति अरमान रहमानी समेत परिवार के सभी लोगों का काफी सहयोग रहा। बाइट : गुलनाज फिरदौस

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