रिपोर्ट – आशीष कुमार
एक दिन में 150 से अधिक लोगों की आंखों की जांच
बिहारशरीफ : मानवता की सेवा में एक और अद्भुत कदम उठाते हुए, नालंदा नेत्रालय की मोबाइल आई केयर वैन ने बुधवार को नालंदा जिले के कुल गांव में एक सफल चिकित्सा शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में न केवल 150 से अधिक लोगों की आंखों की जांच की गई, बल्कि एक 25 वर्षीय युवक की खोई हुई दृष्टि वापस लाने के लिए उचित सलाह दिया गया जिससे उनकी आंखों की रौशनी लौट सकती है। जो इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। शिक्षक नवीन सिंह के सहयोग से आयोजित इस शिविर में आई केयर वाहन की चिकित्सा टीम ने अपनी विशेषज्ञता का प्रदर्शन किया। टीम के सदस्यों में संजय कुमार, चंदन, संजय, और रोहित शामिल थे, जिन्होंने अपने कौशल और समर्पण से कई लोगों के जीवन में प्रकाश भर दिया। 25 वर्षीय राम सागर, जिसकी आंखों की रोशनी पूरी तरह से जा चुकी थी और जो इस दुनिया को देखने में असमर्थ है, आई केयर टीम के इलाज के बाद फिर से देख पाने में सक्षम हो इसके लिए उसे उचित सलाह दिया गया। यह न केवल चिकित्सा के क्षेत्र में एक उपलब्धि है, बल्कि मानवीय करुणा और प्रयास का भी एक शानदार उदाहरण है। नालंदा नेत्रालय के मुख्य चिकित्सक डॉ. अरविंद कुमार सिन्हा ने इस सफलता पर टिप्पणी करते हुए कहा की हमारा लक्ष्य है कि हम समाज के हर वर्ग तक पहुंचें और उन्हें गुणवत्तापूर्ण नेत्र चिकित्सा सेवाएं प्रदान करें। राम सागर की सफल चिकित्सा हमारे लिए एक प्रेरणा है और यह साबित करती है कि सही समय पर सही इलाज से किसी के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन लाया जा सकता है। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा की यह मोबाइल आई केयर वैन हमारे गांव के लिए वरदान साबित हुई है। कई ऐसे लोग हैं जो आर्थिक या अन्य कारणों से शहर जाकर इलाज नहीं करवा पाते। इस तरह की सेवाएं उनके लिए जीवनदायी हैं। नालंदा नेत्रालय की यह पहल न केवल लोगों की आंखों की रोशनी लौटा रही है, बल्कि समाज में जागरूकता भी फैला रही है। इस तरह के शिविरों से लोगों को अपनी आंखों की देखभाल के प्रति सचेत होने का मौका मिलता है। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और नालंदा नेत्रालय की टीम अन्य गांवों और कस्बों में भी इसी तरह के शिविर आयोजित करने की योजना बना रही है। उनका लक्ष्य है कि वे जिले के हर कोने तक पहुंचें और अधिक से अधिक लोगों को स्वस्थ दृष्टि का उपहार दें।




