रिपोर्ट- कुंदन कुमार!
बिहार के बांका में निर्दलीय प्रत्याशी का नामांकन रद प्रत्याशी ने समाहरणालय गेट पर दिया धरना
बांका : बांका में एक नही नौ-नौ निर्दलीय प्रत्याशियों का जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम ने नामांकन रद कर दिया। इसके बाद प्रत्याशियों ने सामाहरणालय गेट पर ही धरना पर बैठ गए। सुबह 11 बजे के बाद शाम सात बजे तक प्रत्याशी गेट पर जमे रहे। इस दौरान उन्हें जिला के वरीय पदाधिकारी कई बार समझाने की कोशिश की। लेकिन वे जस से तस नहीं हुए। उन्हें कई बार प्रशासनिक अधिकारियों ने धारा-144 का हवाला देकर मुकदमा दर्ज करने की भी बात कहीं। इसके बाद भी टस से मस नहीं हुए। लिहाजा, धरना दे रहे प्रत्याशियों को उनके समर्थकों के साथ देर रात हिरासत में ले लिया। इसके बाद छोड़ दिया। जानकारी हो कि बांका में एनडीए गठबंधन से गिरीधारी यादव वर्तमान जदयू सांसद मैदान में है। जबकि राजद महागठबंधन से राजद के कदावर नेता जयप्रकाश नारायण यादव चुनावी मैदान में है। कहे, तो दोनों के बीच जोरदार टक्कर है। लेकिन, इस बार के चुनावी समर में बांका के फुल्लीडुमर निवासी जवाहर झा चुनाव मैदान में इंट्री ले ली। जिसके बाद पिछले वे एक साल से चुनावी महौल बना रहे है। उन्हें छह महीना पूर्व ही बांका में एक भव्य कार्यक्रम कर राजीनीति में प्रवेश लिया। इसके बाद गांव-गांव जाकर खुद लोगों से मिले। उनकी छवि बेहतर होने से लोगों का सम्मान और समर्थन भी मिलना शुरू हो गया। काफी कम दिनों में उन्हें बांका की लोग विकल्प के रूप से देखना शुरू कर दिया था। जिससे लोगों को उम्मीद थी। कि इस बार के चुनाव में लोगों को एनडीए और महागठंधन के साथ तीसरा विकल्प भी मिला है। ऐसे बांका में पिछले कई दफा से तीरसा मोर्चा बना है। जब 2019 में पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह की पत्नी पूर्व सांसद पुतुल कुमारी को भाजपा ने टिकट नहीं दिया था। तो उन्हें भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन किया था। लेकिन इस बार की राजनीति में अगर चुनावी मैदान में जवाहर झा रहते, तो समीकरण कहीं न कहीं। एनडीए का खराब होता नजर आ रहा था। वहीं निर्दलीय प्रत्याशी जवाहर झा ने सरकार और जिला प्रशासन पर कड़ा प्रहार किया है। साथ ही सोशल मीडिया पर भी पोस्ट के माध्यम से दुख प्रकट किया है।




