कैमूर/भभुआ(ब्रजेश दुबे):
नगरपालिका मध्य विद्यालय भभुआ में आयोजित किया गया विश्व जल दिवस जागरूकता कार्यक्रम
कैमूर। शुक्रवार को” विश्व जल दिवस” के अवसर पर पर्यावरण प्रेमी शिवम कुमार के नेतृत्व में कैमूर जिला के भभुआ शहर के नगरपालिका मध्य विद्यालय भभुआ में विश्व जल दिवस जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बच्चों ने पेंटिंग,स्लोगन आदि बना कर जल संरक्षण का दिया संदेश। प्रधानाध्यापक नागेंद्र तिवारी व शिक्षकों के द्वारा संबोधन कर जल संरक्षण पर प्रकाश डाला गया। पर्यावरण प्रेमी शिवम कुमार ने बताया की विश्व जल दिवस मनाने का उद्देश्य स्वच्छ व सुरक्षित जल की उपलब्धता सुनिश्चित करवाना एवं जल संरक्षण के उद्देश्य से मनाए जाने वाले जल प्रकृति द्वारा प्रदत्त अमूल्य उपहार है। आइये हम सब आज इस दिवस पर अपने और भविष्य की पीढ़ी के लिए जल संरक्षण का संकल्प करें और एक बेहतर भविष्य के लिए आज से ही जल बचाएं। संरक्षण करना हम सभी का कर्तव्य है। जल से ही जीवन की उत्पति हुई है, जल ही जीवन का आधार है।

गर्मी शुरू होते ही देश के कई बड़े शहरों में जल संकट बढ़ता जा रहा है। अनेक राज्यों में जल की कमी होते जा रही है। प्रत्येक वर्ष जल का स्तर नीचे गिरते जा रहा है। जो चिंता का विषय है। प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, वर्षा जल का संचय, वृक्षों का अधिक से अधिक रोपण के साथ साथ संरक्षण करने की आवश्यकता है। जल के बिना जीवन की कल्पना करना भी बेमानी है। कुछ नासमझ लोग प्रकृति के इस अमूल्य उपहार जल की कद्र नही कर रहे हैं। अनेकों जगह प्रकृति से मुफ्त में मिले जल की अहमियत भुलाकर मन मर्जी से इसका दोहन किया जा रहा है यदि हमने समय रहते अपनी जल बर्बादी वाली हरकतों को बंद नही किया तो एक एक बूंद के लिए तरसना पड़ेगा। जल की बर्बादी से जाने अनजाने में हम अपने नन्हे बच्चों के जीवन को भी संकट में डाल रहे हैं। गहराता जल संकट भविष्य के लिए बहुत बड़ा खतरा बन रहा है। हर व्यक्ति को पानी बचाने के लिए एक दूसरे को जागरूक करने की जरूरत हैं। आज हम जल संकट से जूझ रहे है कल हम शुद्ध प्राण वायु के लिए जूझेंगे। इस लिए जरूरत है प्रकृति से मिले हम इन अमूल्य उपहारों को संजो कर रखें नही तो इस धरा पर जीवन बेमानी हो जायेगा। हम सब दादी नानी की कहानी बन जायेंगे। इस लिए जरूरत है धरती माता का हरित श्रृंगार करने की। जल बचेगा तभी हमारा कल बचेगा। जल ही जीवन है जल है तो कल है। पशु पक्षी जीव जंतु पेड़ पौधे वनस्पति और मनुष्य इन सभी के जीवन का आधार केवल और केवल जल है यदि जल नहीं तो कुछ भी नहीं हम सब विश्व जल दिवस के दिन जल संरक्षण के लिए कोई ना कोई एक कार्य जरूर करें जल की व्यर्थ बर्बादी को बचाकर भी आप जल संरक्षण का संदेश दे सकते हैं, उपयोग किए हुए जल का री यूज़ अपने घरों के वासबेसिन के पानी को नाली में ना डालकर जमीन में डालना , पुराने तालाबों को, जलाशयों को जल क्षेत्रों को संरक्षण करना इस बढ़ती गर्मी में जितने बड़े-बड़े शहर हैं वे सभी पानी की कमी से जूझ रहे हैं और सभी का भविष्य पानी की दृष्टिकोण से बहुत अच्छा नहीं है इसलिए हम सब मिलकर जल संरक्षण करें अन्यथा हमारे देश के सभी शहर और गाँव भीषण जल संकट की चपेट में आ जाएगा । धरती पर जीवन संकट में आ जायेगा। यदि धरती पर प्रयाप्त मात्रा में जल सुरक्षित रहेगा तभी हमारा भविष्य सुरक्षित हो पाएगा। जल की महत्ता को समझें और इसे बर्बाद ना करें। हम सभी मिलकर जल के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लें और समाज में जागरुकता फैलाएं।जल बचाओ, जीवन बचाओ, पृथ्वी बचाओ। इस दौरान शिक्षक धर्मेन्द्र कुमार प्रभाकर, गौतम ठाकुर , सुदर्शन प्रसाद, छात्र-छात्राएं आदि उपस्थित रहें।




