रिपोर्ट- संतोष तिवारी!
मुजफ्फरपुर के जिला सभागार में जिला स्तरीय बैंकर्स समन्वय समिति की बैठक जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में की गयी, जिसमें उद्योग पदाधिकारी अभिलाषा कुमारी, एल.डी.एम. सतीश कुमार तथा सभी बैंकों के समन्वयक/काॅर्डिनेटर उपस्थित थें। जिला पदाधिकारी ने बैंको के सीवि रेसियो, नकद जमा अनुपात की समीक्षा किया। औसत स्तर पर जिला के सीवि रेसियो बेहतर 74 प्रतिशत है। कुछ बैंक जो 50 प्रतिशत से कम निकासी की रेसियों है, उन्हें बेहतर करने का निदेश दिया गया। पंजाब नेश्नल बैंक 34 प्रतिशत, एस.बी.आई., यूको बैंक, बैंक आॅफ इण्डिया आदि बैंकों का सीवि रेसियो 50 फिसदी से कम है। उन्होंने पी.एम.एफ.एम.ई. और पी.एम.ई.जी.पी. योजना में बैंकों की सहभागिता को सुनिश्चित करने का निदेश दिया। उक्त दोनों योजना में बैंकों द्वारा ऋण स्वीकृति लक्ष्य के अनुरूप करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि इस वितीय वर्ष में कुछ ही दिन बचे हुए है, अधिकतम आवेदन को स्वीकृत कर डिस्पर्स करें। पी.एम. विश्वकर्मा योजना, के.सी.सी., स्वनिधि योजना आदि में बैंको द्वारा लोन स्वीकृति कम होने पर संबंधित बैकों से सरकारी जमा राशि निकालने की कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार की फ्लैगशिप योजना, पी.एम. सुरज पोर्टल, पी.एम. विश्वकर्मा, के.सी.सी. एवं प्राईमरी सेक्टर में बैंकों द्वारा वितीय सहायता लक्ष्य के अनुरूप ससमय मिलते रहे। ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करें।




