ईमानदारी से लालू यादव सजा काटें तो उन्हें साढ़े 32 साल जेल में रहना होगा – मनोज शर्मा

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:- रवि शंकर अमित!

बिहार भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व विधायक श्री मनोज शर्मा ने बयान जारी करते हुए कहा कि 

लालू यादव को पहले ये देखना चाहिए कि वो कितनी जगह फंसे है- मनोज शर्मा

ईमानदारी से लालू यादव सजा काटें तो उन्हें साढ़े 32 साल जेल में रहना होगा – मनोज शर्मा

पटना, 11 मार्च। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह पर लालू यादव ने टिपण्णी की, उसके बाद बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता मनोज शर्मा ने जोरदार हमला किया और कहा कि कहते है ना कि आप किसी पर एक अंगुली उठाते है तो बाकी सभी अंगुलियां आपकी तरफ होती है। कुछ ऐसा ही कर रहे है लालू यादव जी। ना जाने कितनी जगहों पर वो खुद फंसे है लेकिन, माननीय केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी पर कमेंट कर रहे है।  माननीय कोर्ट के तरफ से जो सजा लालू जी के लिए दी गई है उसे यदि ईमानदारी से वो पालन करें तो उन्हें अभी कई और साल जेल में रहना पड़ सकता है। 

श्री शर्मा ने आगे कहा कि माननीय कोर्ट ने लालू यादव को पांच बार सजा सुनाई है। ये सजा साढ़े 32 साल की हुई है। सभी सजा को अलग अलग काटना है। लालू यादव सजायाफ्ता है। अभी खुली हवा में सांस ले रहे है तो, जमानत पर है। सजा खत्म नही हुई है। 

 3 अक्टूबर 2013 को लालू यादव को पहली सज़ा हुई थी। चाईबासा ट्रेजरी के  मामले में सीबीआई कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव को पाँच साल की क़ैद और 25 लाख रुपये के जुर्माने की सज़ा सुनाई थी। तब वे दो महीने के लिए राँची के बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में भी रहे। इस कारण उन्हें लोकसभा की अपनी सदस्यता गँवानी पड़ी थी। यह 37.7 करोड़ की अवैध निकासी का मामला था।

 6 जनवरी 2018 को लालू यादव को दूसरी सज़ा हुई थी। देवघर ट्रेजरी के  मामले में उन्हें साढ़े तीन साल की क़ैद की सज़ा सुनायी गयी थी। यह कोषागार से 89.27 लाख की अवैध निकासी का केस था।

 23 जनवरी 2018 को लालू यादव को तीसरी सज़ा हुई थी। चाईबासा ट्रेजरी से 33.67 करोड़ की अवैध निकासी के मामले में सीबीआई कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव को पाँच साल की क़ैद और 10 लाख रुपये जुर्माना की सज़ा सुनाई थी।

15 मार्च 2018 को लालू यादव को चौथी सज़ा हुई थी।  दुमका ट्रेजरी से 3.13 करोड़ की अवैध निकासी के इस मामले में सीबीआई कोर्ट ने उन्हें पीसी एक्ट और आइपीसी एक्ट में दोषी करार देकर सात-सात साल की अलग-अलग क़ैद की सज़ा सुनाई।  उन पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। 

 21 फ़रवरी 2022 को लालू यादव पाँचवी सज़ा हुई थी। डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी के मामले में पाँच साल की क़ैद और 60 लाख रुपये के जुर्माने की सज़ा सुनायी गई थी। 

बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि लालू यादव को इन पांच बार की सजा में साढ़े 32 साल की सजा हुई थी। इसके बावजूद लालू यादव और परिवार घोटाला करने बाज नही आता है। जमीन के बदले नौकरी, रेलवे होटल घोटाला, मिट्टी घोटाले से लेकर कई घोटाले किये। ना जाने कितनी जगहों पर फंसे है लेकिन, ना तो ये गंभीर है और ना ही इनकी राजनीति गंभीर है।

धन्यवाद 

मनोज शर्मा

प्रदेश प्रवक्ता/ पूर्व विधायक

भारतीय जनता पार्टी, बिहार प्रदेश

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