चन्द मिनट देर से पहुंचने पर परीक्षा देने से रोका, रोती बिलखती रह गई छात्रा!

SHARE:

रिपोर्ट — राजीव कुमार झा!

परिक्षा नियंत्रक ने बताया हम कुछ नही कर सकते सरकार का ही निर्देश है

ऐंकर– मधुबनी में इंटरमीडिएट परीक्षा के पहले दिन देरी से पहुंचने पर छात्र को परिक्षा केन्द्र के अंदर प्रवेश नहीं दिए जाने को लेकर छात्र जमीन पर लेटकर रोती बिलखती रही। लेकिन सुनने वाला कोई नही। मामला
इंटरमीडिएट परीक्षा के पहले दिन मधुबनी स्थित महिला कॉलेज एवं शिवगंगा उच्च विद्यालय परीक्षा केंद्र पर कुछ मिनट देरी से पहुंचे छात्राओं को परीक्षा केंद्र के अंदर प्रवेश नहीं करने देने पर छात्राएं परीक्षा केंद्र पर ड्यूटी पर तैनात कर्मी को बार-बार विनती करती रही। लेकिन परीक्षा केंद्र के गेट नहीं खुला।

परीक्षा केंद्र पर छात्रा जोर-जोर से रोती बिलखती रही। लेकिन केंद्र पर तैनात कर्मी रोती बिलखती छात्रा को देखते रहे और जोर-जोर से छात्र देर तक रोती देखी गई। वही इस के बाद लोगों की भीड़ परीक्षा केंद्र पर जुटनी शुरू हो गई। केंद्र पर भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन को जानकारी मिली। जिसके बाद मौके पर पुलिस पहुंचकर परीक्षा केंद्र पर लगे भीड़ को हटाया और रो रही छात्र को समझ बूझा कर वापस घर जाने को कहा गया। अब प्रश्न उठना लाजिमी है कि इतने सर्द मौसम में दूर दराज से परिक्षा के लिए घर से चले छात्र छात्राओं की वाहन रास्ते में खराब हो जाने के बाद भागती हुई छात्रा परिक्षा केन्द्र पहुंचती हो और चन्द मिनटों की देर की बात कर बच्चे को परिक्षा से बंचीत कर दिया जाता हो। तो ऐसे में एक सेसन बर्बाद हो जाने से बच्चों के मनों मस्तिष्क पर क्या असर पड़ता होगा सहज अनुमान लगाया जा सकता है। वही इस बात को लेकर महिलाओं काँलेज मधुबनी के परिक्षा नियंत्रक से बात करने पर उन्होंने बताया सब कुछ सामान्य है। छात्रा आधे घंटे देर से केन्द्र पर पहुंची थी। ऐसे में हम कुछ नहीं कर सकते हैं। हमने सरकार के गाइड लाइन को देखते हुए उसे प्रवेश से बंचीत कर दिया। जब हमारे प्रतिनिधि के द्वारा उन से सवाल किया गया की ऐसे में बच्चे का एक वर्ष बर्बाद हो गया। बच्चे के मन-मस्तिष्क पर इसका बूरा असर परने की संभावना है। तो उनका उत्तर सुनकर लगा ही नहीं की इतने बड़े घटना को लेकर वे गंभीर हों।

परीक्षा देने आए छात्रा रागिनी कुमारी के अभिभावक ने कहा कि हम लोग परीक्षा केंद्र पर सिर्फ 3 मिनट लेट पहुंचे थे परीक्षा केंद्र पर तैनात पुलिसकर्मी को निवेदन करते रहे की बच्ची को अंदर प्रवेश करने दिया जाए बच्ची के जिंदगी का सवाल है लेकिन वो लोग समझने को तैयार ही नहीं थे। जब छात्रा को परीक्षा केंद्र के गेट से बाहर निकाल दिया तो छात्र जमीन पर लेट कर जोर-जोर से रोने लगी और बताने लगी कि सिर्फ 3 मिनट देरी से पहुंचने पर परीक्षा केंद्र के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया। वहीं छात्रा परीक्षा केंद्र के गेट के पास बैठकर रोती रही लेकिन ड्यूटी पर तैनात कर्मी छात्रा को रोटी देखते रहे लेकिन अंदर प्रवेश नहीं करने दिया। इसके बाद छात्र के अभिभावक और लोगों ने जमकर किया हंगामा।

Join us on:

Leave a Comment