नेहा कुमारी की रिपोर्ट
बेगुसराय में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न सम्मान देकर नरेंद्र मोदी ने बिहार समेत पूरे देश के वंचितों और सामाजिक समरसता का सम्मान किया है। नरेंद्र मोदी ने एक तरफ 22 तारीख को प्रभु श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा कर भारत के संस्कृति का पुनर्जागरण किया है। कर्पूरी ठाकुर का सम्मान नीतीश कुमार की मांग के कारण नहीं, नरेंद्र मोदी की संवेदना के कारण हुआ है। दूसरी ओर शबरी के प्रतीक कर्पूरी ठाकुर का सम्मान किया। नरेंद्र मोदी ने प्रभु श्री राम से लेकर कर्पूरी जी तक को सम्मान देकर वह काम किया है जो आने वाले दिन में लोग याद करेंगे, नमन करेंगे। जिनको राजनीतिक शब्द खेलना हो खेलें, लालू जी और नीतीश जी खेलें, लेकिन यह राजनीति नहीं है। यह संवेदना से भरा हुआ सम्मान है। कर्पूरी ठाकुर राजनीतिक शब्द नहीं संवेदना का शब्द है। कांग्रेस की सरकार के पास संवेदना नहीं थी, अपने परिवार को छोड़कर दूसरों को सम्मानित देने की। तेजस्वी यादव द्वारा कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न सम्मान देने की मांग उठाए जाने को लेकर गिरिराज सिंह ने कहा कि पिता और पुत्र दोनों ने कांग्रेस के शासन में क्यों नहीं सम्मान दिलाया। लालू यादव अपने को पुरोधा कहते हैं। आज उनके पुत्र कह रहे कि मैंने मांग उठाया है। देने वाला कौन है, उठाने से मिलता है, कांग्रेस की गोद में लालू यादव खेलते रहे, लेकिन कर्पूरी ठाकुर को सम्मान नहीं दिल पाया।गिरिराज सिंह ने कहा कि राम स्थापित हो गए हैं और राम की लीला होगी तो दुष्टों का नाश होगा। राहुल गांधी द्वारा असम के मुख्यमंत्री के संबंध में अपशब्द का प्रयोग करने को लेकर गिरिराज सिंह ने कहा कि राहुल गांधी बौखला गए हैं। हेमंत विश्वा शर्मा के लोकप्रियता से बौखलाए हुए हैं। इसलिए ऐसे शब्दों का प्रयोग करते हैं। अपने को भावी प्रधानमंत्री मानते हैं, एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के प्रति ऐसे शब्दों का प्रयोग करते हैं। जल्द ही वह फिर माफी मांगेंगे। वहीं बेगूसराय के देवना में एनएच किनारे से कब्रिस्तान नहीं हटाने तथा नगर निगम क्षेत्र के खातोपुर में ध्वस्त किए गए शिवलिंग और मंदिर के पुनर्निर्माण नहीं किए जाने को लेकर भी गिरिराज सिंह ने बड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री और बेगूसराय के डीएम से आग्रह कर रहा हूं। सिमरिया से खगड़िया तक एनएच को फोरलेन बनाने के दौरान हिंदू के दर्जनों मंदिर देवी देवताओं के मंदिर को विस्थापित कर दिया गया। लेकिन के किनारे अतिक्रमण किया हुआ कब्रिस्तान को नहीं हटाया गया है। जिसके कारण सड़क बाधित है। वोट की राजनीति के कारण अगर यह करने में शासन-प्रशासन असक्षम है तो बाध्य होकर कार्रवाई के लिए जनता को आगे आना पड़ेगा। लोकतांत्रिक कार्रवाई के तहत हम उसका विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि तीन-चार महीना पहले खातोपुर में खास समुदाय के लोगों द्वारा शिव मंदिर तोड़ दिया गया। अभी जब हिन्दू बनाने जाते है तो जो मुस्लिम अतिक्रमण किए हुए थे वही विरोध करते हैं। यहां का प्रशासन मूकदर्शक बनी हुई। अगर प्रशासन मूकदर्शक बनी रही तो इसका दुष्परिणाम होगा। अगर मस्जिद टूटा होता तो आज क्या हो गया होता। यह हिंदुओं के सब्र का परीक्षा नहीं लें। सरकार खड़ा होकर मंदिर बनाए नहीं तो लॉ इन आर्डर का सवाल आएगा, लोग खड़े होकर मंदिर बनाएंगे। कल बेगूसराय के डीएम ने बात की है। उन्होंने कार्यवाही की बात कही है।
बाइट:-गिरिराज सिंह केंद्रीय मंत्री




