रिपोर्ट :- अमित कुमार
सीतामढ़ी मिथिला धाम से अपने पाहुन सरकार के लिए शनिवार की सुबह 7000 भार तीन ट्रक पर रखकर, 100 छोटी गाड़ी, दो भजन ट्रॉली के साथ जय सियाराम के घोष करते हुए अयोध्या धाम तक जाएगी।
सीतामढ़ी जगत जननी मां जानकी की जन्मभूमि पुनौरा धाम से प्रभु श्री राम की जन्म भूमि अयोध्या धाम सनेश भार समर्पण यात्रा महंत कौशल किशोर दास के नेतृत्व में अयोध्या धाम के लिए 13 जनवरी को सुबह 10:00 बजे प्रस्थान करेगी।सुबह 9:00 बजे पूजन कार्य करने के पश्चात सनेश भार समर्पण रथ यात्रा 10:00 बजे शिवहर चकिया मधुबन गोपालगंज होते हुए अयोध्या धाम के लिए प्रस्थान करेगी। अपने पाहुन सरकार के लिए 7000 भार तीन ट्रक पर रखकर, 100 छोटी गाड़ी, दो भजन ट्रॉली के साथ जय सियाराम के घोष करते हुए अयोध्या धाम तक जाएगी। जनमानस में अपार खुशी है पाहुन श्री राम का घर बन गया है। 500 वर्षों का सपना पूर्ण हुआ है 10 पीढ़ियां जिन दृश्य को अपने आंखों से नहीं देखी आज का मानव धन्य है जो श्री राम लाल के भव्य मंदिर निर्माण को अपनी आंखों से दिखेगा। मिथिला क्षेत्र जानकी जन्मभूमि पुनौराधाम से समर्पण यात्रा में जानकी जन्मभूमि पर साधु संतों की अगुवाई में उनके कुशल नेतृत्व में मिथिला की संस्कृति मिथिला के संस्कार और मिथिला के सांस्कृतिक विशेषताओं के साथ यह भव्य यात्रा का आयोजन किया गया है। महंत जी ने जानकारी देते हुए कहा पातेपुर महंत विश्व मोहन दास, श्री राम उदार दास जी, श्री भूषण दास जी, राम बालक दास जी ,मनमोहन कौशिक दास जी, रामबालक दास जी ,बृजेश कुमार जी ,राम पुकार दास जी, समेत साधु संतों की टोली अयोध्या धाम के लिए प्रस्थान करेगी। आयोजन समिति सभी सामान को उपहार को ट्रक पर आज ही सुशोभित कर दिए हैं। कल सुबह 9:00 बजे पूजन कार्य होगा और तत्पश्चात यह यात्रा आरंभ होगी। प्रभु श्री राम के गृह प्रवेश के लिए उनके अर्धांगिनी के जन्म भूमि से सीता माता की जन्म भूमि से जेवर चांदी के बर्तन सोने के आभूषण साथ-साथ जा रहा है ।वहीं पूरे परिवार के लिए फूल्हा बर्तन सीता रसोई के नाम से भी जा रहा है। प्रभु श्री राम जाड़ा के मौसम में गृह प्रवेश कर रहे हैं इसलिए रजाई तोशक, चादर तकिया उनके गृह प्रवेश में जा रहा है। मिथिला के पावन माता सीता के जन्म भूमि पर अति उत्साह है। और सभी जय श्री राम के नारे लगाकर अपने माथे पर स्नेह से सनेश भार रखकर यहां पहुंच रहे हैं।
बाइट :- श्यामन्दन प्रसाद।




