कैमूर/भभुआ(ब्रजेश दुबे):
कैमूर। नया साल को बेहतर बनाने के लिए कोई घूमने जाता है। कोई दर्शन पूजन करने जाता है तो कोई अपने-अपने अंदाज में तैयारी को करता है। मगर अधिकांश लोग दर्शन पूजन के साथ ही नए साल की शुरुआत करने की कामना करते हैं और नए साल पर ईश्वर की दर्शन पूजन कर नए साल को बेहतर बनाने के लिए प्रार्थना करते हैं। इसी क्रम में कल नए साल के मौके पर कैमूर जिले के मां मुंडेश्वरी धाम परिसर में माता का दर्शन पूजन करते हुए नए साल के शुरुआत होगी। नए साल के मौके पर यहां पर काफी संख्या में दूरदराज से लोग दर्शन पूजन के लिए आते हैं और मां मुंडेश्वरी की पूजा अर्चना कर नए वर्ष का शुभारंभ करते हैं। इस मौके पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बल व्यापक रूप से रहती है। मुंडेश्वरी माता मंदिर का स्ट्रक्चर मौजूदा मंदिरों में सबसे पुराना माना जाता है। 5वीं शताब्दी के करीब इसे बनाया गया था। अभी जो मंदिर है वो काफी टूटा-फूटा है। मुगल काल में इस मंदिर पर कई बार हमले हुए थे। तब से ये इसी हालत में है। जिला मुख्यालय से करीब 10 से 15 किलोमीटर की दूरी पर मां मुंडेश्वरी का मंदिर है। जो कैमूर जिले के भभुआ मुख्यालय से करीब 14 किलोमीटर की दूरी पर भगवानपुर प्रखंड स्थित रामगढ़ पंचायत में पवरा पहाड़ी पर विराजमान है। ये पहाड़ी 600 फीट की ऊंची है। नीचे से मंदिर जाने के दो रास्ते हैं। पहला सीढ़ियों से, दूसरा घुमावदार सड़क, जो 524 फीट की उंचाई तक जाती है। इन दोनों ही रास्तों के बाद फिर सीढ़ियों पर चढ़ मंदिर तक जाया जाता है। हर दिन सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक मंदिर खुला रहता है।




