नेहा कुमारी की रिपोर्ट–
बेगूसराय में सभी रसोई गैस उपभोक्ता को अपना आधार कार्ड के साथ बायोमेट्रिक करना होगा नहीं तो हो जाएंगे सब्सिडी लाभ से वंचित
बेगुसराय में मिनिस्ट्री ऑफ पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस के निर्देश के बाद अब डीबीटीएल से जुड़े सभी एलपीजी उपभोक्ताओं को गैस एजेंसी जाकर अपना बायोमीट्रिक करवाना होगा, नही तो आने वाले दिनों में उन्हें मिलने वाली सब्सिडी से वचित रहना पड़ सकता है। क्योंकि प्रधानमंत्री उज्जवला योजना तथा पहल से जुड़े लाभार्थियों के लिए बॉयोमीट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य कर दिया गया है.बॉयोमीट्रिक प्रमाणीकरण पूरा करने के लिए वितरक के पास जाकर उन्हें ई-केवाईसी करवाना होगा.इसके लिए गैस एजेंसियों ने एलपीजी उपभोक्ताओं को अंगूठा या फिर आंख के माध्यम से बायोमेट्रिक किया जाना है। इसी करी में बखरी भारत गैस एजेंसी के प्रबंधक आमोद कुमार ने बताया कि मौजूदा समय में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना योजना यानी पीएमवाईयू से जुड़े उपभोक्ताओं को एक सिलिडर खरीदारी पर 372 रुपया की सब्सिडी बैंक खाते उपलब्ध कराई जाती है.जबकि सामान्य उपभोक्ताओं को अभी तक सब्सिडी के रूप में बैंक खाते में 72 रुपया प्राप्त होता है.जो आने वाले दिनों में सब्सिडी में बदलाव भी सकता है.ऐसे में सब्सिडी की राशि गलत खाते या गलत लोगों तक ना पहुंचे इसी को ध्यान में रखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने सभी प्रकार के घरेलू गैस उपभोक्ताओं को दिसम्बर तक बॉयोमीट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य किया ताकि सब्सिडी का सही लाभ वाजिब लोगों तक पहुंचे.कहा कि पहले आईएफएससी कोड के माध्यम से ओड़ा गया था.जिसके बाद से उपभोक्ताओं के बैंक खाते में सब्सिडी की राशि आनी शुरू हुई थी. जबकि पीएमयूवाई योजना के लाभार्थियों को आधार संख्या,बैंक खाता संख्या तथा बैंक आईएफएससी कोड के माध्यम से जोड़कर सब्सिडी दिया जा रहा था. हालांकि पीएमवाईयू-2 उपभोक्ताओं को गैस कनेक्शन के वक्त ही बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद दिया जा रहा था.यानी कि उपभोक्ता का बैंक खाता बॉयोमीट्रिक से ही जुड़ जा रहा था.यही वजह है कि इस योजना से जुड़े उपभोक्ताओं को अलग से बॉयोमीट्रिक प्रमाणीकरण को आवश्यकता नहीं है.बखरी में कई गैस एजेंसियां है.जिसमें भारत पेट्रोलियम यानी भारत गैस के अलावा आईओसी यानी इंडियन गैस के गैस सीएसपी है.इन गैस एजेंसियों के माध्यम से यहां के गैस उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी किया जाना शुरू कर दिया गया है.सरकार के स्पष्ट निर्देश के आलोक में यह पहल शुरू की गयी है.भारत सरकार ने ऐसे भी यह तय किया है कि किसी भी प्रकार की सब्सिडी पाने के लिए बॉयोमीट्रिक प्रमाणीकरण जरूरी है. उन्होंने बताया कि हमारे एजेंसी में करीब अठारह हजार से अधिक उपभोक्ता हैं.जिसमें से तीन हजार उपभोक्ता अपना आधार सीडिंग करवा चुके हैं.क्षेत्र में भेंडरो तथा सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जा रहा है.जल्द ही सभी उपभोक्ताओं को गैस कनेक्शन से आधार सीडिंग कर लिया जाएगा.जो सरकार के द्वारा उक्त कार्य के लिए 31 दिसंबर तक का समय सीमा दी गई है.




