बाढ़ से घिरा पड़ा है प्रखंड सह अंचल मुख्यालय समेत पूरा क्षेत्र!

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रिपोर्टर–अरविन्द कुमार

मोतिहारी। भारी बारिस अवम नेपाली नदी से आई प्रलयकारी जल को सिकरहना नदी नहीं सह सकी फिर जिले के सुगौली अवम बंजरिया समेत कई प्रखंड में भीसन बाढ़ का प्रकोप है,पुर्वी चम्पारण के बंजरिया प्रखंड में करीब 20 दिनों से बाढ़ का पानी प्रखंड क्षेत्र के कई इलाके में जलमग्न है, बंजरिया प्रखंड के 9 पंचायत में आज 20 वा दिन बाढ़ की पानी का सैलाब जैसा है प्रखण्ड कार्यालय समेत BSFC एवम अंचल कार्यालय PHC अस्पताल प्रतेक साल की तरह बाढ़ से घिरा पारा है।जिले के बंजरिया प्रखंड होकर गुजरने वाली नदिया सिकरहना, तिलावे, बंगरी, दुधौरा पसाह ,मरधर समेत सरिसवा नदी की जलस्तर प्रखंड क्षेत्र के अधिकांस भाग जलमग्न है वही आम लोग अपने 2 बक्त की रोटी के लिए नाव से रसोई गैस ले आकर फिर माथे पर मोतिहारी गैस एजेंसी जाकर लाना दिनचर्चा बन गई है 

आपको बता दे 

पुर्वी चम्पारण के बंजरिया प्रखंड क्षेत्र के शिकाराहना नदी में तिलावे, बंगरी, दुधौरा पसाह ,मरधर समेत सरिसवा नदी समाहित होती है इसी कारण जिले के बंजरिया में बाढ़ की स्थिति ज्यादा समय बनी रहती है पहली बाढ़ की कहर हटी नहीं तब तक दूसरी बाढ़ की कहर फिर से बरपा दिया जलस्तर में  आई उफान से मोखलिशपुर, गोबरी, जनेरवा, जटवा, बुढ़वा, सुखिडीह, चिचुरहिया, बेलाडीह, सुन्दरपुर, खैरी आदि गांवों का प्रखण्ड मुख्यालय व जिला मुख्यालय से सड़क संपर्क भंग हो गया है। प्रखंड क्षेत्र के ग्रामीण इलाके में पक्की सड़क कई जगह टूट गई है,साथ ही प्रखण्ड कार्यालय समेत BSFC एवम अंचल कार्यालय PHC अस्पताल प्रतेक साल की तरह बाढ़ से घिरा पारा है।जब प्रत्येक साल इन कार्यालय को बाढ़ से घिर जाता है तो सरकार समेत जिला प्रशासन पहले से क्यो नही बचाव का रास्ता ढूढा,सवाल उठता है कि बिगत बर्ष में हजारों क्विंटल BSFC गोदाम में अनाज में बाढ़ की पानी घुस्सा,भीग कर सर गया फिर भी प्रशासन की दु;साहस इसी गोदाम में अनाज का भंडारण बड़ा सवाल उठता है।

जिला  मुख्यालय आने के लिए वाहन साइकिल हो या बाइक नाव से लेकर आना जाना

ट्रेक्टर व नाव ही बना बंजरिया प्रखंड के लोगो के लिए सहारा।धान की रोपनी का समय था परन्तु बाढ़ ने तो धान की बिचड़ा इस कदर डुबाया की धान फसल की आस छोड़ बैठे किसान। 

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