:- न्यूज़ ब्यूरो शंखनाद

सहरसा सदर थाना क्षेत्र में जमीनी विवाद के बाद हुई मारपीट के बाद पुलिस कप्तान सख्त हैं, उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया है और सभी थानाध्यक्षों को जमीनी मामलों में गंभीरता से निष्पादन का फरमान जारी किया है।
सदर थाना क्षेत्र में जमीन विवाद बन रहा है नासूर!
पुलिस पर लगती है लापरवाही बरतने का आरोप
सदर थाना क्षेत्र में जमीन विवाद नासूर बनता जा रहा है। ससमय कार्रवाई नही होने से विवाद हिंसा में तब्दील हो जा रहे हैं। शहर के एक चिकित्सक ने सिमराहा स्थित जमीन में जबरदस्ती तंग करने को लेकर एसपी से शिकायत करने का मामला सामने आया है। पीड़ित चिकित्सक ने सदर थाना पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। चिकित्सक के परिजनों ने बताया कि मामले को लेकर वह लोग कुछ दिन पहले सदर थाना में समीक्षा के लिए पहुची एसपी से मिल कर उन्हें सारी बातों से अवगत कराया था। एसपी ने सभी बातों को सुन सदर थानाध्यक्ष को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया था। लेकिन कोई कार्रवाई नही हुई। स्थिति यह है कि स्वयं के जमीन पर भी जाना मुश्किल हो रहा है। यह तो सिर्फ एक बानगी है, शहर में कई ऐसे मामले आ रहे है जो जमीन विवाद से जुड़ा रहता है और ससमय कार्रवाई नही होने से वह हिंसक रूप धारण कर लेता है।

कई मामले हो चुके है हिंसक !
सदर थाना क्षेत्र में जमीन विवाद कई बार हिंसक रूप धारण कर चुकी है! कुछ माह पूर्व सदर थाना क्षेत्र के झपडा टोला में जमीन विवाद में जमकर गोलीबारी हुई थी! जिसको लेकर सदर थाना में मामला भी दर्ज है! वही मीर टोला में भी जमकर गोलीबारी हुई थी! जिसके विरोध में सड़क जाम तक हुई थी! वही कुछ दिन पूर्व सराही में भी जमीन विवाद में गोलीबारी हुई थी!
डीएम व एसपी दे चुके हैं निर्देश !
सरकार के निर्देश पर सभी थाना में थानाध्यक्ष व सीओ को संयुक्त जनता दरबार लगा जमीन विवाद में कार्रवाई का निर्देश है! जनता दरबार का आयोजन भी होता है लेकिन उसकी सार्थकता नजर नही आती है! कुछ दिन पूर्व डीएम व एसपी ने अधिकारियों व थानाध्यक्षो के साथ बैठक कर हरेक शनिवार को जनता दरबार का आयोजन करने व कार्रवाई का निर्देश दिया है! डीएम व एसपी ने स्वयं भी निरीक्षण करने की बात कही है!
थानाध्यक्ष के रवैया की मंत्री और मुख्यालय तक चर्चा!
थानाध्यक्ष के रवैए से इलाके के कई जनप्रतिनिधि भी परेशान हैं। कुछ विधायकों-मंत्रियों ने पुलिस मुख्यालय तक भी थानाध्यक्ष के रवैया की शिकायत की है। इलाके के कई विधायक और यहां तक कि मंत्री भी थानाध्यक्ष के रवैये की शिकायत कर चुके हैं।
एस पी लिपि सिंह ने सभी थानाध्यक्ष को जमीन विवाद में त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि “कुछ मामलों में शिकायत मिल रही हैं। छानबीन की जा रही हैं, दोषी पर सख्त कार्रवाई होगी।”




