ज्ञान,वैराग्य,भक्ति के संगम भागवत से हीं सबका कल्याण स्वामी रंगनाथाचार्य जी महाराज!

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रिपोर्ट – आशुतोष पांडेय

आरा, विष्णु नगर (बैंक कॉलोनी) में माँ मनोकामना मन्दिर के तृतीय स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ शुरू हुआ सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के प्रथम दिवस में भारत के सुप्रसिद्ध संत अनन्तश्री विभूषित स्वामी रंगनाथाचार्यजी महाराज ने भगवान् के अद्वितीय कथा के माध्यम से हजारों भक्तों को आध्यात्म से सराबोर कर दिए।
भागवत माहात्म्य को सुनाते हुए संत शिरोमणि स्वामी जी ने बताया कि ज्ञान, वैराग्य और भक्ति के संगम श्रीमद्भागवत विश्व के सर्वोच्च शास्त्र है।


नारद सनकादिक संवाद और माता भक्ति के उद्गार तथा ज्ञान, वैराग्य के उद्धार से सबको शिक्षा लेनी चाहिए की कोई भी समस्या हो समाज के शुभचिंतक सद् सन्त उससे उद्धार और उबार करते हैं तथा करेंगे इसीलिए , महर्षि सन्तों का सदा आदर सम्मान करना चाहिए। इस भागवत कथा को सुनने के लिए आरा शहर के आसपास के गांव से भी काफी संख्या में लोग पहुंचे एवं पूरा इलाका मैं माहौल भक्तिमय बना हुआ है व्यास पीठ पर पहुंचते ही महाराज श्री का विधिवत रूप से स्वागत किया गया एवं व्यास पीठ के पूजन के उपरांत भागवत कथा का विधवत शुभारंभ हुआ इस मौके पर
श्रीमद्भागवत के मूल पारायण परं विद्वान क्रान्तिकारी गोविन्दाचार्य व मण्डपस्थ वेदी के विधिवत् पूजन आचार्य गोपी शर्मा जी ने कराया। वही सोनवर्षा आश्रम स्थित महाराज जी के शिष्य अनेक वैदिक बटुकों के सस्वरवेद पाठ व सुदिन जी के भजनों ने सबको मुग्ध कर दिया। इस अवसर पर शायन की कथा में आरा सहित अन्य स्थानों से पधारे हजारों भक्तों ने कथा सुनी वही इस मौके पर श्रद्धालु भक्तों के लिए आयोजन समिति की तरफ से भंडारे एवं प्रसाद वितरण का भी बेहतर इंतजाम किया गया है इस आशय की जानकारी आयोजन समिति के मीडिया प्रभारी चंदन कुमार ने दी

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