नेहा कुमारी की रिपोर्ट
बेगुसराय में भारतीय विश्वकर्मा महासंघ का एकदिवसीय जिला सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन से पूर्व रोड शो का आयोजन किया गया जिसका अध्यक्षता महासंघ के चंद्रप्रकाश शर्मा और संचालन दिवाकर शर्मा ने किया। कार्यक्रम शुभारंभ भगवान विश्वकर्मा के तैल्य चित्र पर पुष्प सुमन अर्पित कर और भारतीय विश्वकर्मा महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकुल आनंद ने दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके पूर्व आयोजकों ने उपस्थित अतिथियों का माल्यार्पण कर अंग वस्त्र से सम्मानित किया गया। भारतीय विश्वकर्मा महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकुल आनंद ने कहा कि आज शासन प्रशासन की उपेक्षा के कारण विश्वकर्मा समाज मरणासन्न स्थिति में है। विश्वकर्मा वंशजों को साजिश के तहत शोषण किया जा रहा है क्योंकि शासन में बैठे लोग हमारे समाज को कमजोर समझते हैं और इस मानसिकता को दूर करने के लिए मैंने भारतीय विश्वकर्मा महासंघ के बैनर तले संगठित ढांचा तैयार कर वृहद आंदोलन करने का निर्णय लिया है। वहीं मौके पर उपस्थित सुजाता शर्मा ने समाज की एकता पर बल देते हुए कहा किसी भी समाज की शक्ति उस समाज की संगठन पर निर्भर करती है। जबकि बेबी चंकी ने कहा हमारे नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकुल आनंद समाज को सामाजिक न्याय के रास्ते पर ले जाने में जुटे है। इनके हाथ को मजबूत करने का काम करें ताकि आपकी आवाज विधानसभा और लोकसभा के मोटी दीवारों को भेद सके। संचालन करते हुए दिवाकर शर्मा ने कहा कि अब हम विश्वकर्मा समाज उपेक्षा का शिकार नही होंगे। हम अपने नेता मुकुल आनंद के नेतृत्व में आर – पार की लड़ाई का साक्षी बनेंगे। मौके पर डॉक्टर अनिल विश्वकर्मा, डॉक्टर प्रमोद कुमार शर्मा, युवा नेता राहुल शर्मा, युवा नेता सूरज शर्मा, अधिवक्ता राजेश कुमार शर्मा, दरभंगा जिला अध्यक्ष रामशंकर शर्मा, सुपौल जिला अध्यक्ष संजय शर्मा, मनोज कसेरा, विनोद पोद्दार, योगेंद्र पंडित, सुजय कुमार शर्मा, अशोक शर्मा, राजकिशोर शर्मा, राजकरण शर्मा, घोघन पंडित, खगड़िया जिला संरक्षक उमेश शर्मा, नवीन शर्मा, विजय पंडित, खगड़िया जिला अध्यक्ष मंटू शर्मा, सहरसा गणेश मिस्त्री, सुधीर शर्मा, सुरेंद्र ठाकुर, खगड़िया जिला सचिव विनोद शर्मा, बेगूसराय जिला संयोजक राजकिशोर शर्मा, पत्रकार विधान शर्मा, इंदू शर्मा, परणा पंचायत के मुखिया ललिता देवी, राजेश शर्मा, मिथलेश शर्मा, श्री निवास शर्मा, मिंटू सोनी, जयंत शर्मा, मनोज स्वर्णकार आदि ने अपने – अपने विचार व्यक्त किए। अंत में प्रोफेसर उपेंद्र शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में हजारों लोग उपस्थित रहे।




