रिपोर्ट – धर्मेंद्र कुमार
_बंगरी नदी का बांध टूटा। बंजरिया प्रखंड में मंडराया बाढ का खतरा। नेपाल में भारी बारिश से नदियां उफान पर। बांध की मरम्मति में जुट जल संसाधन विभाग। संभावित बाढ़ से ग्रामीणों में भय का माहौल।
दो दिनों से लगातार जारी मूसलाधार बारिश ने पूर्वी चम्पारण में जनजीवन को अस्त व्यस्त करने लगा है। नेपाल के तराई इलाको में हो रही बारिश का सीधा असर पूर्वी चम्पारण में दिखने लगा है। नेपाल से आने वाली सभी छोटी नदियां उफान पर है। जोनकहर बरपाने को बेताब है। इसी क्रम में बंजरिया प्रखंड के फुलवार उत्तरी पंचायत के नगदाहाँ गांव के समीप नेपाल से निकलने वाली बंगरी नदी का तटबंध टुट गया है। बुधवार की देर रात्रि बांध टुटने से नदी का पानी तेजी से मलाही स्कूल के पश्चिम होते दक्षिण दिशा की ओर बह रही है। जिस कारण कई गांवो पर बाढ का खतरा मंडराने लगा है। वही बांध टूटने की सूचना मिलते ही सदर एसडीएम श्रेष्ठ अनुपम, अंचल अधिकारी मणि कुमार वर्मा, बीडीओ सुनील कुमार गौड, थानाध्यक्ष प्रभाकर पाठक और जल निस्सरण विभाग के कार्यपालक अभियंता इफ्तेखार इमाम मौके पर पहुंचे और बांध की मरम्मति का काम तेजी से किया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीण प्रभात कुमार और अजीत सिंह बब्लू ने बताया कि इस बांध में दो जगह और सिपेज हो रहा है, अगर त्वरित मरम्मति नही किया गया तो वहां भी बांध देर सवेर टूट सकता है। उल्लेखनीय है कि बंजरिया जिले का वैसा प्रखंड है, जहां कई नेपाली नदियां बूढी गंडक में मिलती है। लेकिन स्थायी रूप यहां तटबंध की व्यवस्था नही होने के कारण यहां के नागरिक प्रतिवर्ष बाढ की त्रासदी झेलने को अभिशप्त है।




