ऋषिकेश की रिपोर्ट :-
राजगीर में मलमास के दौरान वैतरणी नदी का बड़ा महत्व है। ऐसी मान्यता है कि मलमास के दौरान वैतरणी में गाय की पूंछ पकड़कर पार करने से स्वर्ग (मोक्ष) की प्राप्ति होती है। शंभू पांडे ने बताया कि गाय की पूंछ पकड़कर पार कर लेते हैं तो लोग जीते जी स्वर्ग पहुंच जाते हैं। मलमास के दौरान यहाँ देश के विभिन्न कोने से श्रद्धालु वैतरणी नदी पर पिंडदान करने पहुंच रहे हैं। यहां लोग स्नान एवं दान भी कर रहे हैं। इस बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर वैतरणी नदी घाट की उड़ाही और सौंदर्यीकरण का कार्य किया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एक माह के मलमास की अवधि में राजगीर में सनातन धर्म के सभी 33 कोटि के देवी-देवता निवास करते हैं।

बाइट : शंभू पांडे, मिथिलेश पांडे
बाइट।श्रद्धालु
ऋषिकेश संवाददाता नालंदा




