रिपोर्ट : आदित्यानंद आर्य
सीतामढ़ी जिले के शहरी इलाके से लेकर ग्रामीण इलाको में जल संकट गहरा गया है। शहर समेत सोनबरसा, परसौनी, रीगा, रुन्नीसैदपुर, परिहार, सुरसंड समेत एक दर्जन प्रखंडों में पानी की भारी किल्लत देखी जा रही है। परिहार प्रखंड के सुतीहारा गांव के वार्ड नंबर 10 के सभी चापाकल और मोटर पंप से पानी आना बंद हो गया है। जिससे लोगों को 1 से दो किलोमीटर दूर स्थित नदी और तालाबों से अपने नित्य कार्य के लिए पानी लाना पड़ रहा है। गांव के बड़े बुजुर्ग अब अपने घरों में पानी ना होने के कारण अपनी जमीन और घर को छोड़कर अपने रिश्तेदारों के यहां पलायन करने लगे हैं। गांव के बुजुर्ग मोद नारायण शर्मा द्वारा बताया गया कि मैं अपने पानी ना होने के कारण मैं अपने बेटी के यहां अपने परिवार के साथ जा रहा हूं वहीं ग्रामीण द्वारा बताया गया कि पानी ना रहने के कारण हम लोग बहुत मुसीबत में हैं ,हम लोगों को नित्य क्रिया से समय लेकर घर के कार्यों को करने में बहुत परेशानी हो रही है। गांव के शैलेंद्र शर्मा बताते हैं कि अब हमें अपना नित्य क्रिया कर्म नदी पर जाकर करना पड़ता है घर में पानी नहीं है । वही गांव के विमलेश ठाकुर बताते हैं कि हमारे यहां सरकार द्वारा चलाया जा रहा है नल जल योजना काम नहीं कर रहा है। कृषि कार्य हेतु गांव में बोरिंग से पानी पटाने वाले जय किशोर महतो द्वारा बताया गया कि अब हमारे यहां बोरिंग से पानी निकालने पर मना कर दिया गया है जिससे यहां सुखार की स्थिति है। ग्रामीण रूबी कुमारी बताती है कि हमारे गांव में पानी की बहुत दिक्कत है हम लोग अपना खाना और अन्य कार्य नहीं कर पा रहे हैं पानी बिना लोग जिंदा नहीं रह सकता अभी हम लोग नदी पर से पानी लाते हैं। ग्रामीण मोहित कुमार बताते हैं कि अब हम लोग खरीद कर पानी ला रहे हैं तब पीते हैं और सरकार की नल जल योजना पूरी तरह ठप है । वहीं पानी की कमी का असर चापाकल के दुकानदारों पर भी पड़ा है पानी के लेयर के कमी के कारण उनकी बिक्री खत्म हो गई है।वहीं जिलाधिकारी सीतामढ़ी मनेश कुमार मीणा द्वारा बताया गया कि जिले में जहां-जहां पेयजल संकट की खबर आ रही है वहां नल जल योजना को चालू किया जा रहा है साथ ही पीएचईडी की टीम त्वरित गति से चापाकल को चालू करने में लगी हुई है।




