निभाष मोदी –
भागलपुर, डॉक्टर को धरती का भगवान कहा जाता है. लेकिन भागलपुर में एक ऐसा डॉक्टर जो बिना डिग्री के ही 600 से अधिक पोस्टमार्टम कर चुके हैं. जी हां हम बात कर रहे हैं जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय के पोस्टमार्टम विभाग में पदस्थापित डॉक्टर धीरज की डॉ धीरज के पास सिर्फ एमबीबीएस की डिग्री है. पोस्टमार्टम करने के लिए एमडी फोरेंसिक कोर्स की जरूरत पड़ती है. लेकिन डॉ धीरज सिर्फ एमबीबीएस किये हुए हैं. डॉ ने बताया कि मुझे पोस्टमार्टम करने में परेशानी होती है. मैं उस विभाग का स्पेसलिस्ट नहीं हूं. कभी कभी ऐसे केस आते हैं जिसका निवारण करना मुश्किल होता है. बर्न का केस सम्भालना मुश्किल हो जाता है. मुझे पोस्टमार्टम सीनियर से फोन पर सलाह लेकर करनी पड़ती है. ऐसे में काफी मुश्किल होता है. जज जब केस के बारे में पूछते हैं तो मैं बता नहीं पाता हूँ. कई बार ऐसे सब सवाल आते हैं जिसकी मुझे समझ भी नहीं आती है. इसलिए मैंने जो पढ़ाई किया है मुझे वो विभाग दे दिया जाए.
4 साल तक मेडिसिन विभाग में किया है काम
डॉ धीरज ने बताया की मैं चार साल से मेडिसिन विभाग में था. मुझे पुनः वहीं भेज दिया जाए. जिसकी मुझे जानकारी है ही नहीं वो काम मुझे नहीं सौपा जाए. मैं कई बार कई केस में फंस जाता हूँ.
कई अपराधिक मामलों में कर चुके हैं शवों का पोस्टमार्टम
डॉ धीरज ने बताया कि विभाग में डॉक्टर के अभाव में मुझे 2021 में पोस्टमार्टम विभाग में पोस्टिंग दी गई थी. लेकिन कुछ ही समय के लिए मुझे दिया गया था. अब मुझे यंहा से नहीं निकाला जा रहा है. मैं यहां पर सीनियर की देखरेख में सब कुछ करता हूँ. लेकिन कोर्ट में सवालों के घेरे में घिर जाता हूँ. आपको बता दें कि अभी तक 600 से अधिक पोस्टमार्टम धीरज कर चुके हैं. अब सवाल यह खड़ा होता है कि विभाग इतना लापरवाह कैसे हो सकता है. पोस्टमार्टम एक जजमेंटल पोस्ट माना जाता है. इसके रिपोर्ट के अनुसार ही जज भी आसानी से जजमेंट करते हैं. लेकिन अगर इसका एक्सपर्ट नहीं है तो रिपोर्ट में समस्या भी आ सकती है. इसलिए डॉ का कहना है कि मुझे पुनः अपना विभाग सौंपा जाए.
बाइट : डॉक्टर धीरज, JLNMC




