रिपोर्ट – डॉ अनमोल कुमार
बक्सर । वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा के पूर्व कुलपति व ब्रह्मपुर पीठाधीश्वर आचार्य धर्मेन्द्र जी महाराज की सन्निधि में गौरीशंकर पब्लिक स्कूल ब्रह्मपुर के परिसर में तीन दिवसीय ब्रह्मपुर महोत्सव का भक्ति मत वातावरण में शुभारंभ हुआ। विदित हो दुनिया का एक मात्र शिवमन्दिर ब्रह्मपुर है जो ब्रह्मा जी द्वारा स्थापित व पूजित है।बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ शिव मंदिर की स्थापना स्वयं ब्रह्मा जी शापमुक्ति हेतु नारायण हरि के निर्देशानुसार जेष्ठ शिवरात्रि को किया और जेष्ठ शुक्लपक्ष दशमी तक बाबा भोलेनाथ का पूजन किया। जेष्ठ शुक्लपक्ष अष्टमी, नवमी और दशमी को ब्रह्मा जी द्वारा विशेष शिव उपासना किया गया। ये बातें ब्रह्म पुर महात्म्य विषयक संगोष्ठी का शुभारंभ करते हुए ब्रह्मपुर पीठाधीश्वर आचार्य धर्मेन्द्र जी महाराज ने कही। ब्रह्म पीठाधीश्वर आचार्य धर्मेन्द्र ने यह भी बताया कि ब्रह्मपुर महोत्सव सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि कर्नल (रि )राणा प्रताप सिंह, विशिष्ट अतिथि कैप्टन सरोज सिंह, सारस्वत अतिथि आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय रायबरेली के कुलपति डॉ शिव नाथ सिंह, डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के कुलपति डॉ पी एस पांडेय, अर्काजैन विश्वविद्यालय टाटा के कुलपति डॉ अंगद सिंह, डॉ अर्चना सिंह,सृजेता शंभु प्रसाद चौरसिया, डॉ आदित्य विजय जैन होंगे। ब्रह्मपुर महात्म्य विषयक संगोष्ठी के मुख्य वक्ता के रूप में चन्द्र भूषण सिंह ने ब्रह्मपुर मंदिर के महात्म्य का प्रतिपादन करते हुए पूर्व से पश्चिम द्वार होने की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं भक्तों का।इस अवसर पर सत्येन्द्र पाठक बवाली ,कवि रामेश्वर वर्मा शिशिर, रत्नेश ओझा राही,प्रभुदत्त ओझा ,विजय केसरी ने ब्रह्मपुर महात्म्य विषयक प्रभावशाली कविताएं पढ़ी। नित्यानंद ओझा ने पर्यावरण संरक्षण पर बल दिया तथा बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर परिसर स्थित पीपल पाकड़ वक्षों को संरक्षित करने की मांग की। समारोह के अन्त में क ई फलदार ,छायादार वृक्षारोपण गौरी शंकर पब्लिक स्कूल परिसर में किया गया। समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट कार्य संपादित करने हेतु पूर्व प्राचार्य चन्द्र भूषण सिंह को तथा पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु दिनेश ओझा को सारस्वत कर्मवीर सम्मान से सम्मानित किया गया। आगत अतिथियों का स्वागत जीपीएस के चेयरमैन ई ए के तिवारी ने किया ,जबकि धन्यवाद ज्ञापन शिव मोहन तिवारी ने किया। कार्यक्रम का सफल संयोजन महोत्सव के संयोजक पं शिवजी पांड़े ने किया। शिवजी पांड़े ने बताया कि कल ब्रह्म पुर का सर्वांगीण विकास विषयक संगोष्ठी व काव्यपाठ होगा।परसों यानी 26मई को वीरांगनाओं, सैन्यकर्मियों और शिक्षा साहित्य कला संस्कृति समाज सेवा कृषि गोपालन पर्यावरण गोपालन, अध्यात्म विज्ञान समन्वय आदि क्षेत्रों में विशेष कार्य करनेवाले महानुभावों को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ ब्रह्म पुर गीत के गायन से हुआ। ब्रह्मपुर गीत की रचना सत्येन्द्र पाठक बवाली तथा रत्नेश ओझा राही ने की।



