कैमूर/भभुआ(ब्रजेश दुबे):
बिहार में डोमिसाइल नीति बहाल करने हेतु मांग करते हुए शिक्षा विभाग के फैसले पर पुनर्विचार करने का किया आग्रह
राष्ट्रीय जनता दल के युवा नेता पंकज कुमार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को ईमेल के माध्यम से पत्र लिखकर बिहार में डोमिसाइल नीति बहाल करने हेतु मांग करते हुए शिक्षा विभाग के फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया. नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव को दिए गए पत्र में उन्होंने लिखा है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षक बहाली प्रक्रिया में बीपीएससी द्वारा परीक्षा चयन प्रक्रिया आवश्यक है। योग्य लोग आएंगे सही है। पर यह योग्यता बिहारियों में है। इसमें कही से संदेह नहीं होना चाहिए था। बिहार में डोमिसाइल नीति सिर्फ शिक्षक बहाली ही नहीं सभी अन्य परीक्षाओं प्रतियोगिता में होनी चाहिए। मैं इसकी भी मांग नहीं करता कि 100 में 100 का आकंड़ा हो। पर 100 में 80 फीसदी सीटों को बिहार के छात्रों के लिए आरक्षण का प्रावधान होगा। तो बेहतर होगा। 20 फीसदी सीटों को हम अन्य राज्यों के छात्रों के लिए ओपेन कैटेगरी दे सकते है। इस 80 और 20 फीसदी के बंटवारे में भी सरकार नियम लागू कर सकती है। अगर बिहारियों के लिए आरक्षित सीटों में रिक्ति रह जाती है तो बाहरी छात्रों को प्रवेश दे और अगर 20 फीसदी बाहरी छात्रों के आरक्षित सीटों में रिक्ति रह जाती है तो बिहारी छात्रों को अवसर मिले।
पूरी तरह से ऑपेन ग्राउंड में सबकों अवसर दिया जाना मतलब बिहार के बेरोजगार छात्रों के हितों की अनदेखी होगी।
पत्र में लिखा है कि ऐसा नही है कि शिक्षा मंत्री की बिहार में प्रतिभा और प्रतिभागियों की कमी है। राज्य में बेरोजगारी चरम है। बिहार देश का सबसे युवा राज्य में से एक है। यहाँ के विद्यार्थी यूपीएससी में अच्छे रैंक प्राप्त करते है। आईआईटी में अच्छे रैंक प्राप्त करते है। तो फिर शिक्षक बहाली परीक्षा उनके लिए कोई बड़ी विशेष परीक्षा नहीं है। हां केंद्र सरकार द्वारा जिस प्रकार से नौकरियों में तालाबंदी की गई है। उसमें ये एक बड़ा अवसर जरूर है। भविष्य को संवारने का।
पत्र में राजद नेता ने बताया है कि मैं मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से आग्रह करता हूँ कि युवाओं के हित में पुनः विचार करते हुए कोई मध्यम मार्ग निकाले। राज्य सरकार से खास कर राष्ट्रीय जनता दल से जो युवाओं की अपेक्षा थी। उसे समझने की कोशिश करें। बिहार हित मे निर्णय लेने का आग्रह करते हुए आपसे प्रार्थना है। अत्यधिक देरी न करें और इस उत्पन्न असंतोष को संतोष में बदलने हेतु शिक्षा विभाग को आवश्यक निर्देश देने का कार्य करें।




