आरा/आशुतोष पाण्डेय
डॉक्टर की लापरवाही से युवक की गई जान, लोगों ने सड़क जाम कर किया हंगामा
डॉक्टर के लापरवाही से हुए युवक के मौत से नाराज परिजनों ने नर्सिंग होम में तोड़फोड़ किया, परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर डॉक्टर के खिलाफ सड़क जाम कर दिया, आकोर्षित लोगों ने डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लगे, मामला इतना तूल पकड़ा की आकोर्षित लोगों ने सड़क पर आगजनी किया, लोगों ने अपनी मांगों को लेकर जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे, आनन फानन में घटनास्थल पर पुलिस पहुँची, आक्रोशित लोगों को शांत कराने का प्रयासः किया, लेकिन गुस्साए लोगों ने पुलिस की बातों को नहीं माने, घटनास्थल पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को बुलाने की मांग पर अड़े रहे
छत से गिरकर युवक का पैर हुआ था क्रैक
भोजपुर जिले के अगिआंव थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़ौडा गांव निवासी धनंजय सिंह ( 38वर्ष) गत 18 मई को छत से गिर गया था, जिससे उसका बाया पैर टूट गया था, उक्त युवक को ईलाज के लिए आरा मुख्यालय स्थित क्लब रोड में एक ऑर्थो डॉक्टर किया भर्ती कराया गया था जहां ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर की लापरवाही से युवक की मौत हो गई
डॉक्टर ने ऑपरेशन के लिये मोटी रकम का डिमांड किया, उसके बाउजूद ऑपरेशन सक्सेसफुल नहीं रहा
मृतक के परिजनों ने बताया कि डॉक्टर ने ऑपरेशन करने से पहले 50 हजार रुपये जमा करा लिए थे, कुछ रकम ऑपरेशन सक्सेसफुल होने के बाद देने के लिए बोला गया था,बता दे कि 23 मई को डॉक्टर अपनी टीम के साथ धनंजय सिंह को ऑपरेशन थिएटर में लेकर चले गए जहां पैर का ऑपरेशन करने के बाद युवक का होश नहीं आया डॉक्टर ने परिजनों से कहा स्थिति स्थिति काफी दयनीय हो चुकी है इसे पटना लेकर जाना होगा लेकिन एंबुलेंस में ले जाने से पहले ही युवक ने दम तोड़ चुका था, इस घटना से आक्रोशित लोगों ने डॉक्टर की क्लीनिक में हो हंगामा करना शुरू कर दिया, डॉक्टर हंगामे को देखते हुए घटनास्थल से फरार हो गए
पूर्व मंत्री सह बड़हरा विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह के आश्वासन के बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ, उसके बाद सड़क जाम समाप्त हुआ
बड़हरा विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह घटनास्थल पर पहुंचकर आक्रोशित लोगों को समझा बुझाकर सड़क जाम हटवाया, उन्होंने घटनास्थल से ही पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार से कहाँ की नशे में धुत रहने वाले एवम फर्जी डॉ8 के खिलाफ कार्रवाई करें,विधायक ने यहाँ तक कह डाला ये ऐसे डॉक्टर है, जो अंग टूटा रहता है, उसे छोड़कर नशे के हालात में दूसरे अंग का ऑपरेशन कर डालते हैं, ऐसे डॉक्टर पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिये




