रिपोर्ट – धर्मेंद्र कुमार!
वित्तीय सुनिश्चित उन्नयन योजना के लाभ के लिए दर दर की थोकडे खाने को मजबूर है जिले के शिक्षक
अपनी मांगों के समर्थज़न में पिछले तीन दिनों से आमरण अनशन पर बैठे है जिले के शिक्षक गण
जिला शिक्षा पदाधिकारी के मनमाने रवैये से आजिज शिक्षक दे रहे है धरना
अनशन में तबियत बिगड़ने के कारण दो शिक्षकों को किया गया है पटना रेफर
जिलाधिकारी से लेकर डीडीसी व अन्य अधिकारियों से गुहार लगाते लगाते थक चुके है शिक्षक
मोतिहारी के जिला शिक्षा पदाधिकारी व जिला शिक्षा कार्यालय के अड़ियल रवैये व शिक्षकों के साथ भेदभाव से आजिज जिले के शिक्षकों ने एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है और अपनी मांगों के समर्थन में वे लोग पिछले तीन दिनों से आमरण अनशन पर बैठे है और जिला शिक्षा पदाधिकारी व शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर रहे है ।शिक्षकों का कहना है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी जानबूझ कर जिले के करीब तीन हज़ार शिक्षकों के साथ नाइंसाफी कर रहे है और दो दो जिलाधिकारी व जिले के अन्य अधिकारियों के आदेश की अवहेलना कर उनके वित्तीय सुनिश्चित उन्नयन योजना की लाखों रुपये की राशि शिक्षकों को निर्गक्त नही कर रहे है जिससे शिक्षकों में काफी नाराज़गी है ।शिक्षकों का कहना है कि दो दो जिलाधिकारी व डीडीसी और बिभाग के आदेश के बावजूद जिला शिक्षा कार्यालय उनके पैसे का भुगतान नही कर रहा है जिससे आजिज होकर उनलोगों ने पिछले तीन दिनों से आमरण अनशन कर रखा है लेकिन कोई सुनने वाला नही है ।
सुनिये क्या कुछ कहना है आमरण अनशन पर बैठे शिक्षकों का।
बाइट :_ प्रभुनन्दन प्रसाद ,अनशनकारी शिक्षक ।




