मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए जिस विधि को पुर्ण किया जाता है उसे सहस्त्र चंडी महायज्ञ कहा जाता है- पंडित विनय पाठक!

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रिपोर्ट – संतोष तिवारी!

  • सोमनाथपुरी, कोल्हुआ पैगंबरपुर nh77 दरभंगा रोड रेलवे ढाला मुजफ्फरपुर, में श्री श्री 1008 सहस्र चंडी महायज्ञ के तृतीय दिवस पर यज्ञाध्यक्ष बाबा गरीब नाथ धाम के प्रधान पुजारी सह मंदिर प्रशासक पंडित विनय पाठक ने बताया कि मां दुर्गा को शक्ति की देवी कहा जाता है मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए जिस विधि को पुर्ण किया जाता है उसे सहस्त्र चंडी महायज्ञ कहा जाता है इस यज्ञ से मानव खुद को एक आनंदित वातावरण में महसूस कर सकता है , वही यज्ञाध्यक्ष मुखिया अनिल कुमार चौबे ने कहा कि यह महायज्ञ जनकल्याण की भावना से किया जा रहा है
    पंडित शंभू नाथचौबे ने बताया कि मुजफ्फरपुर समेत पूरे बिहार के लिए यह महायज्ञ कल्याणकारी सिद्ध होगा
    महायज्ञ के मुख्य यजमान अधिवक्ता अरुण पांडे एवं मनीष कुमार अविनाश के द्वारा महायज्ञ का पूजन कार्य किया जा रहा है

  • वही बनारस से आए हुए 51 आचार्यों के द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सुबह से ही श्री दुर्गा सरस्वती पाठ सस्वर किया जा रहा है जिससे महायज्ञ में
    हर्षोल्लास का माहौल बना हुआ है वही गांव से लेकर शहर तक सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है भक्तों के द्वारा जय माता दी जय माता दी जय माता दी की जय कारों से भक्तिमय माहौल बना हुआ है वही भक्तों के लिए तरह-तरह के झूले एवं अनेकों प्रकार के मनोरंजन के साधन की पूर्ण व्यवस्था किया !
    मौके पर स्थानीय आईटी इजराइल मंसूरी पधारे साथ में पूर्व मंत्री सुरेश शर्मा भी पधारे इनको महायज्ञ कमेटी के द्वारा अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया
    वही वृंदावन से आए हुए रासलीला कमेटी के प्रमुख रास मृदुल शास्त्री ने बताया कि आज भगवान कन्हैया का जन्म उत्सव मनाया जाएगा वही महायज्ञ में आए हुए भक्तों ने भगवान का जन्म उत्सव बड़े हर्ष उल्लास के साथ मनाया एवं भक्तिमय का माहौल बना रहा! यज्ञाचार्य पंडित विनय पाठक के सानिध्य में धनवंत पांडेय, रामनवमी शास्त्री, रामजनम पांडेय, मीडिया प्रभारी पंडित हरिशंकर पाठक , हरे कृष्ण तिवारी,आशुतोष मिश्रा, गोविंदाचार्य मीडिया प्रभारी पंडित हरिशंकर पाठक,वैदिक यीशु पांडे, आचार्य विवेक पाठक आचार्य अमित तिवारी आचार्य विकास पांडे , आचार्य आवेश त्रिवेदी, आचार्य अनुज तिवारी, आचार्य प्रियांश मिश्र सहित 51 पुरोहितों मुख्य रूप से शामिल हैं

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