आनंद मोहन की रिहाई का
IAS एसोसिएशन ने किया विरोध!

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रिपोर्ट अनमोल कुमार

ऐसे फैसलों से लोक सेवकों के मनोबल में गिरावट आती है : एसोसिएशन
बिहार सरकार अपने फैसले पर पुनर्विचार करे

पटना : बाहुबली और पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई आदेश सुर्खियों में है। जहां उनकी रिहाई को लेकर नीतीश सरकार विरोधियों के निशाने पर हैं, वहीं अब सेंट्रल IAS एसोसिएशन ने भी बिहार सरकार के इस फैसले का विरोध किया है। सेंट्रल IAS एसोसिएशन ने गोपालगंज के पूर्व डीएम जी कृष्णैया की नृशंस हत्या के दोषियों को रिहा करने के बिहार सरकार के फैसले पर गहरी निराशा जताई है। एसोसिएशन ने कहा कि नियमों में संशोधन कर लोक सेवक की हत्या के आरोप में दोषी को कम जघन्य श्रेणी में फिर से क्लासिफाई नहीं किया जा सकता। IAS एसोसिएशन ने कहा कि एक मौजूदा वर्गीकरण में संशोधन, जो कर्तव्य पर एक लोक सेवक के सजायाफ्ता हत्यारे की रिहाई की ओर ले जाता है, न्याय से वंचित करने के समान है। ऐसे फैसलों से लोक सेवकों के मनोबल में गिरावट आती है, लोक व्यवस्था कमजोर होती है और प्रशासन के न्याय का मजाक बनता है। हमारा सरकार से अनुरोध है कि वो जल्द इस फैसले पर पुर्निविचार करे।

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