पानी के लिए प्यासे केवाड़ी गांव के ग्रामीणों का फिर फूटा आक्रोश।

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बांका से अश्वनी श्रीवास्तव की रिपोर्ट :-

सड़क मार्ग अवरुद्ध करने के बाद मंगलवार को प्रखंड मुख्यालय का किया घेराव।

भूमि का जल स्तर नीचे चले जाने से पेयजल के लिए प्रखंड में मचने लगा है हाहाकार।

प्रखंड के सरकारी नलकूपों की हालात बद से बदतर विभाग की नजर उपेक्षित।

बांका : पानी के लिए प्यासे केवाड़ी गांव के ग्रामीणों का आक्रोश अभी थमा नहीं है। मोरामा बनगांव पंचायत के पुनसिया बाजार के करीब बसे केवाड़ी गांव के ग्रामीणों का हुजूम मंगलवार को प्रखंड मुख्यालय में उमड़ पड़ी। इसके एक दिन पूर्व सोमवार को यहां के ग्रामीणों ने भागलपुर-हंसडीहा मुख्य मार्ग को पुनसिया के समीप घंटों अवरुद्ध कर प्रशासन व सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी किया था। करीब 3 घंटे तक यातायात अवरुद्ध रहने के बाद राजस्व पदाधिकारी प्रशांत झा व रजौन पुलिस के प्रयास के बाद यातायात सुचारू हो सका था। मंगलवार को किस गांव की दर्जनों महिलाएं व पुरुष फिर प्रखंड मुख्यालय पहुंच गए और पेयजल की समस्या दूर करने की मार्मिक गुहार लगाई। इस गांव के उदय यादव, रुकी देवी, रीता देवी, बबीता देवी, मनोरमा देवी, प्रियंका देवी, आशा देवी, रिंकी देवी, वार्ड सदस्य सुनीला देवी, ननकी देवी आदि ने बताया कि पूरे गांव के ग्रामीण एकमात्र चापाकल पर आश्रित हैं पीने के पानी के लिए ग्रामीणों को दूर-दूर तक भटकना पड़ रहा है। यातायात सुचारू कराने के समय यहां पहुंचे पदाधिकारियों ने तत्काल पानी का टैंकर भेजने व पेयजल की समस्या दूर करने का आश्वासन दिया था, लेकिन तत्काल कोई व्यवस्था नहीं की गई है। नल जल योजना का लाभ भी यहां के ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है। प्रखंड के कमोबेश सभी गांवों की हालात एक जैसी ही है। पीएचइडी विभाग इस दिशा में पूरी तरह उदासीन बनी हुई है। ग्रामीणों ने बीडीओ का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि इस गांव में और कम से कम 3 चापाकल की आवश्यकता है। इधर बीडीओ राजकुमार पंडित ने जल्द से जल्द पेयजल समस्या को दूर करने की बात कही है उन्होंने कहा कि नल जल योजना का बोरिंग हो चुका है। यहां की समस्याओं को लेकर पीएचइडी विभाग को भी पत्राचार किया जा रहा है।

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