रिपोर्ट अनमोल कुमार
FSSAI ने जारी किए कड़े निर्देश, तुरंत जानकारी दे उपभोक्ता
कैल्शियम कार्बाइड की गैस है घातक
नई दिल्ली : फलों को पकाने के लिए केमिकल का इस्तेमाल करने पर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने कड़ा रूख अपनाया है। उन्होंने व्यापारियों, फल विक्रेताओं और खाद्य व्यापार संचालकों (FBO) को फलों को कृत्रिम रूप से पकाने के लिए प्रतिबंधित कैल्शियम कार्बाइड का उपयोग न करने के लिए चेतावनी दी है। तो वहीं FSSAI स्पष्ट रूप से कहा है कि दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। FSSAI ने फलों को पकाने के लिए एथिलीन जैसे उपयुक्त पदार्थों का उचित तरीके से उपयोग करने को कहा है। FSSAI ने अपने बयान में कहा कि फलों को कृत्रिम रूप से पकाने के लिए खाद्य सुरक्षा और मानक 2011 के उप-विनियमन के प्रावधान के तहत कैल्शियम कार्बाइड के उपयोग पर पहले ही प्रतिबंध लगाया जा चुका है। कैल्शियम कार्बाइड से निकलने वाली एसिटलीन गैस फल पकाने में शामिल लोगों के लिए भी उतनी ही हानिकारक है, जितना यह फल का सेवन करने वालों के लिए है। FSSAI ने यह पाया कि व्यापारी/हैंडलर अभी भी प्रतिबंधित सामग्री यानी कैल्शियम कार्बाइड का उपयोग फल पकाने के लिए कर रहे हैं। वहीं उन्होंने यह भी पाया कि व्यापारी/हैंडलर एथिलीन गैस के स्वीकृत स्रोतों का गलत तरीके से उपयोग कर रहे हैं। इसलिए FSSAI ने निर्देश दिया है कि सभी व्यापारियों/फल संचालकों/एफबीओ के संचालन कक्षों को निर्देशों का सख्ती से पालन करना है। FSSAI ने कहा कि फलों को कृत्रिम रूप से पकाने के लिए गलत तरीके से एथिलीन के स्वीकृत स्रोतों का उपयोग करने या किसी भी प्रतिबंधित सामग्री का उपयोग करने से परहेज करने का निर्देश दिया जाता है। तो वहीं दोषी पाए जाने पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। FSSAI ने कहा कि फलों का पकना एक प्राकृतिक घटना है, जो उपभोक्ताओं के लिए फलों को खाने योग्य, स्वादिष्ट और पौष्टिक बनाता है। FSSAI ने व्यापारी/हैंडलर के साथ-साथ उपभोक्ताओं से यह भी आग्रह किया कि यदि वे फलों में कैल्शियम कार्बाइड पाते हैं या पकने वाले एजेंटों का उपयोग करने का कोई गलत तरीका पाते हैं तो सभी उपभोक्ता तुरंत इसकी जानकारी खाद्य सुरक्षा के राज्य आयुक्तों को दे सकते हैं। जिसके बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।




