रिपोर्ट – अमित कुमार
जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की प्रेस वार्ता
विगत 4-5 दिनों से मेरे बारे में कई तरह की बातें चल रही है
मुख्यमंत्री भी इसमें शामिल है
मुख्यमंत्री ने कहा सोशल मीडिया के माध्यम से बात नहीं होनी चाहिए मिल कर बात होनी चाहिए
मुख्यमंत्री से जानना चाहता हु सबसे पहले किसने शुरुआत की
दिल्ली में मैं जब भर्ती था तब मुख्यमंत्री ने मीडिया से कहा था उनको हमसे बात करने भेज दीजिए
शुरुआत उन्होंने की थी
पार्टी के किस मंच पर हम उनसे बात करें
हमने मांग की है राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हो
हमारी मांग पर बैठक नही हो रही है
बैठक होगी तो हम जायेंगे और जायेंगे चर्चा करेंगे
पार्टी का मंच उपलब्ध कराएं ताकि हम अपनी बात रख सके
दिसंबर के तीसरे सप्ताह में हमने मिल कर बात की है
पार्टी की कमजोरी चुनाव के हार के कारणों को हमने सामने रखा
मुख्यमंत्री से मेरी बात हुई उसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा क्या आप बीजेपी में जाएंगे
अब कैसे हम मिल कर बात करेंगे आप बताइए
हमने आते आते पार्टी को मजबूत करने का संकल्प लिया था
मिल कर बात हमने की
जब हमने पार्टी में विलय किया 2021 में तब से जब जब जरूरत पड़ी हमने फोन किया
मुख्यमंत्री ने कभी हमें फोन नही किया
5 मिनट भी हमे बुलाकर बात नही की
मुख्यमंत्री अपने संतान की कसम खाए की कुशवाहा गलत बोल रहे है
जब मिल कर बात की कोई कारवाई नही हुई
पार्टी या फिर व्यक्तिगत रूप से हम मुलाकात को तैयारी है
हम जदयू को नो 1 बनाना चाहते है
पार्टी बर्बाद हो रही है
मुख्यमंत्री ने कहा 2 3 बार आए गए
आपकी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित अधिकांश लोग आए गए लोग है और कुछ लोग 2005 में सरकार में आने के बाद सत्ता सुख पाने के लिए साथ आए है
उपेंद्र कुशवाहा कहते है अपने मन से आए गए

2009 में दिसंबर में मेरे जाने के कारण
31अक्टूबर में पटेल की जयंती में मुख्यमंत्री को बुलाया गया
सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री ने कहा उपेंद्र कुशवाहा हमारे साथ आ जाए
2021 में साथ आने की वजह
तेजस्वी यादव ने विधानसभा में कहा था आपका बेटा आपका अपना है या नहीं
2020 विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री ने मुझसे फोन पर बात की थी
उस दौरान 1 अणे मार्ग से मुझे फोन किया गया था
बड़े नेताओं को मध्यस्था के लिए लगाया गया था
मुख्यमंत्री असहाय महसूस कर रहे थे
मुख्यमंत्री ने फोन कर कहा था आप संभालिए
मुख्यमंत्री का कहना जब मन हुआ आए जब मन गए बिल्कुल गलत
2009 के उपचुनाव में बुरी तरह पिटने के बाद मुझे याद किया गया
जब कमजोर हुई जदयू मुझे याद किया
आप अपनी इच्छा से काम कीजिए दूसरों की इच्छा से नही
कुछ लोग जिस तरह से मुख्यमंत्री को हैंडल करते हैं उस तरह मुख्यमंत्री एक्ट करते हैं
अगर आप अभी नहीं संभले आने वाले दिनों में होने वाले नुकसान की भी भरपाई नहीं कर पाएंगे
हमसे कहा जा रहा 2 फरवरी को जगदेव प्रसाद की जयंती है
फुले परिषद की कार्यक्रम के लिए जदयू की ओर मना किया जा रहा है
2 फरवरी का कार्यक्रम तो होकर रहेगा किसी के रुकने से नही रुके




